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Hindi News महाराष्ट्रयदि नरेंद्र मोदी नहीं होते तो अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो पाता: राज ठाकरे

यदि नरेंद्र मोदी नहीं होते तो अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो पाता: राज ठाकरे

नवंबर, 2019 में एक ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में विवादित स्थल पर राममंदिर के निर्माण की कानूनी बाधा दूर कर दी थी।

यदि नरेंद्र मोदी नहीं होते तो अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो पाता: राज ठाकरे
Madan Tiwariएजेंसियां,मुंबईSat, 13 Apr 2024 05:59 PM
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को दावा किया कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं होते तो उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भी अयोध्या में राममंदिर का निर्माण नहीं हो पाता। राज ठाकरे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मनसे नेताओं की एक सूची तैयार करेगी जिनसे 'महायुति' गठबंधन के नेता चुनावी समन्वय के लिए संपर्क कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने इन प्रश्नों को टाल दिया कि क्या वह महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी, शिवसेना और राकंपा के सत्तारूढ़ गठबंधन 'महायुति' के पक्ष में रैलियों को संबोधित करेंगे।

राज ठाकरे ने आगामी लोकसभा चुनाव के वास्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने आज कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों एवं अनुषंगी संगठनों के साथ बैठक की है और उन्हें महायुति समर्थित प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि मनसे नेताओं को उचित सम्मान मिलेगा। महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीट हैं और राज्य में 19 अप्रैल एवं 20 मई के बीच पांच चरणों में मतदान होगा। राज ठाकरे ने कहा, ''यदि नरेन्द्र मोदी (केंद्र की सत्ता में) नहीं होते तो उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद भी राममंदिर का निर्माण नहीं हो पाता। यह लंबित मुद्दा बना रहता।'' 

नवंबर, 2019 में एक ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में विवादित स्थल पर राममंदिर के निर्माण की कानूनी बाधा दूर कर दी थी। इस साल 22 जनवरी को राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह हुआ। राज ठाकरे ने कहा कि राममंदिर के निर्माण का मामला 1992 से लंबित था जब बाबरी मस्जिद गिरायी गयी थी। भाजपा को मनसे के समर्थन पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, '' कुछ ऐसी अच्छी बाते हैं, जिनकी सराहना करने की जरूरत है। एक तरफ, एक अक्षम (नेतृत्व) है और दूसरी तरफ, मजबूत नेतृत्व है। इसलिए हमने नरेन्द्र मोदी का समर्थन करने के बारे में सोचा।'' 

पीएम मोदी के प्रति उनके समर्थन में 'खामियां ढ़ूढ़ने' को लेकर अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर पलटवार करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि उनकी 'आखों में पीलिया' हो गया है। राज ठाकरे ने कहा कि मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने तथा राज्य में किलों की मरम्मत समेत महाराष्ट्र को लेकर उनकी कुछ मांगें हैं जिनके बारे में भाजपा को बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि गुजरात मोदी को प्रिय है क्योंकि वह वहां से आते हैं, लेकिन उन्हें उसी तरह से अन्य राज्यों पर भी ध्यान देना चाहिए।