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महाराष्ट्रएंटीलिया बम कांड: ATS से हटाए गए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक, मुंबई से बाहर हुआ ट्रांसफर

लाइव हिन्दुस्तान टीम,मुंबई।Published By: Himanshu Jha
Fri, 07 May 2021 02:42 PM
एंटीलिया बम कांड: ATS से हटाए गए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक, मुंबई से बाहर हुआ ट्रांसफर

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने गुरुवार शाम एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक का मुंबई के बाहर ट्रांसफर कर दिया। उनके अलावा एक और पुलिस निरीक्षक का भी तबादला किया गया है। दया नायक ने अब तक पुलिस मुठभेड़ों में 80 से अधिक अपराधियों को ढेर किया है। 

आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) की जुहू इकाई में तैनात दया नायक का ट्रांसफर गोंदिया जिला कर दिया गया है। जबकि एक अन्य अधिकारी, ठाणे पुलिस के एंटी एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) के पुलिस इंस्पेक्टर राजकुमार कोठमीरे का ट्रांसफर माओवाद प्रभावित गढ़चिरौली जिला कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया गया है।

दया नायक एंटीलिया बम कांड मामले की जांच करने वाली एटीएस की जांच टीम का हिस्सा थे। उन्होंने दो आरोपियों- क्रिकेट सट्टेबाज नरेश गोर और पूर्व पुलिस कांस्टेबल विनायक शिंदे को गिरफ्तार किया था। दोनों पर ठाणे के व्यापारी मनसुख हीरेन हत्या के आरोपी मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाझे को कथित रूप से सहायता प्रदान करने का आरोप था। आपको बता दें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के बाहर 20 जिलेटिन की छड़ों से भरी हुई स्कॉर्पियो बरामद हुई थी, जिसका मालिक मनसुख हिरेन था। हालांकि कुछ ही दिनों के बाद उसकी हत्या कर दी गई।

दया नायक का ट्रांसफर 2019 में उनके जीवन के खतरे के आधार पर वापस ले लिया गया था, क्यों कि उन्होंने कई अपराधियों को मार गिराया था। इससे पहले 4 अप्रैल को मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच में कई सालों से सेवा दे रहे चार पुलिस इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपले, सचिन कदम, केदार पवार और सुधीर दलवी का भी तबादला कर दिया गया था।

टीआरपी घोटाले की जांच के दौरान गोपाले मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 9 की कमान संभाल रहे थे। पूर्व असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वाझे क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के प्रभारी थे। गोपाले और उनकी टीम ने टीआरपी घोटाले में कथित रूप से शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार करने में मदद की थी।

कदम मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल (AEC) की कमान संभाल रहे थे जो उस जांच दल का हिस्सा थे, जिसने अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी और एजाज लकड़ावाला को लाने में मदद की थी। पवार प्रॉपर्टी सेल की कमान संभाल रहे थे और शुरू में वह और उनकी टीम एंटीलिया बम मामले में भी काम कर रहे थे।  आपको बता दें कि सचिन वाझे की गिरफ्तारी के तुरंत बाद अपराध शाखा के 65 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया।

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