फोटो गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ महाराष्ट्रअब शिंदे ने भेजा उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्यता नोटिस, 'बालासाहेब के सम्मान' में आदित्य ठाकरे का नाम छोड़ा

अब शिंदे ने भेजा उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्यता नोटिस, 'बालासाहेब के सम्मान' में आदित्य ठाकरे का नाम छोड़ा

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में 164 विधायकों ने शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लाए गए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

अब शिंदे ने भेजा उद्धव गुट के विधायकों को अयोग्यता नोटिस, 'बालासाहेब के सम्मान' में आदित्य ठाकरे का नाम छोड़ा
Amit Kumarएजेंसियां,मुंबईTue, 05 Jul 2022 12:49 AM
ऐप पर पढ़ें

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना धड़े ने उद्धव ठाकरे के गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए नोटिस जारी किया है। शिंदे गुट के मुख्य व्हिप भरत गोगावाले ने सोमवार को कहा कि विश्वास मत के दौरान व्हिप का उल्लंघन करने वाले शिवसेना के सभी विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का नाम इस लिस्ट में नहीं रखा है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि वे शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का सम्मान करते हैं। 

महाराष्ट्र में सस्ता होगा पेट्रोल और डीजल, एकनाथ शिंदे का फ्लोर टेस्ट में पास होते ही बड़ा ऐलान

गोगावाले ने कहा कि इस संबंध में निर्णय शिंदे द्वारा लिया जाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, गोगावले ने कहा, "हमने बालासाहेब ठाकरे के प्रति सम्मान को देखते हुए उनका (आदित्य ठाकरे का) नाम (अयोग्यता के लिए) नहीं दिया है। सीएम इस पर फैसला लेंगे।" महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के अंतिम दिन सोमवार को सदन में महत्वपूर्ण शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली।

एकनाथ शिंदे सरकार के बहुमत साबित करने पर बोले उद्धव ठाकरे, भाजपा ने रची है शिवसेना खत्म करने की साजिश

राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में 164 विधायकों ने शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लाए गए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया। तीन विधायक मतदान से दूर रहे, जबकि कांग्रेस के अशोक चव्हाण और विजय वडेट्टीवार समेत 20 विधायक विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित रहने वालों में ज्यादातर कांग्रेस और राकांपा के विधायक थे।

विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के खिलाफ उद्धव गुट की याचिका की सुनवाई को तैयार न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के नए पार्टी व्हिप को मान्यता देने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई करने के लिए सोमवार को सहमत हो गया। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि नयी याचिका की सुनवाई भी पहले से लंबित अन्य मामलों के साथ ही 11 जुलाई को समान पीठ द्वारा की जाएगी।

उद्धव ठाकरे गुट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एम. सिंघवी ने कहा, ‘‘सचेतक (व्हिप) को मान्यता देना अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यह इस अदालत के समक्ष कार्यवाही की यथास्थिति को बदल रहा है। अध्यक्ष ने आधी रात को नए सचेतक की नियुक्ति की।’’ न्यायमूर्ति बनर्जी ने कहा, ‘‘अभी मेरे समक्ष दस्तावेज मौजूद नहीं है। इन सभी पर 11 जुलाई को ही सुनवाई करते हैं।’’ अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली नई याचिका उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने दायर की है। रविवार को महाराष्ट्र विधानसभा ने भाजपा के विधायक राहुल नार्वेकर को अध्यक्ष चुना था।

गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार के शक्ति परीक्षण से पहले पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने रविवार को अजय चौधरी को हटाकर शिंदे को फिर से शिवसेना विधायक दल का नेता नियुक्त कर दिया था। नार्वेकर ने शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में शिंदे खेमे से भरत गोगावले की नियुक्ति को भी मान्यता दे दी और ठाकरे गुट के सुनील प्रभु को हटा दिया।

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने एक जुलाई को कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उन 15 बागी विधायकों को विधानसभा से निलंबित किए जाने का अनुरोध करने वाली शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु की याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई करेगा, जिनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं लंबित हैं।

सुनील प्रभु की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बागी शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने संबंधी पहले की याचिकाओं का न्यायालय के समक्ष उल्लेख किया था।

epaper