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हिंदी न्यूज़ महाराष्ट्रजो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वे मेरे बेटे होंगे... दशहरे पर एकनाथ शिंदे ने बोला उद्धव ठाकरे के परिवारवाद पर हमला

जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वे मेरे बेटे होंगे... दशहरे पर एकनाथ शिंदे ने बोला उद्धव ठाकरे के परिवारवाद पर हमला

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियां ट्वीट करते हुए लिखा, 'मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे।'

जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वे मेरे बेटे होंगे... दशहरे पर एकनाथ शिंदे ने बोला उद्धव ठाकरे के परिवारवाद पर हमला
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 05 Oct 2022 04:56 PM

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देश भर में रावण दहन के साथ दशहरा मनाने की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट शिवाजी पार्क में रैली की तैयारियां कर रहा है तो वहीं एकनाथ शिंदे समूह की ओर से भी तैयारी जोरों पर है। यही नहीं इस बीच बयानबाजी की लड़ाई भी जोरों पर है। एकनाथ शिंदे ने रैली से ठीक पहले कविता के जरिए उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन जो लिखा है, उससे माना जा रहा है कि उन्होंने ठाकरे फैमिली के परिवारवाद पर अटैक किया है। उन्होंने हरिवंश राय बच्चन की पंक्तियां ट्वीट करते हुए लिखा, 'मेरे बेटे, बेटे होने से मेरे उत्तराधिकारी नहीं होंगे, जो मेरे उत्तराधिकारी होंगे, वो मेरे बेटे होंगे।'

दशहरा रैली में बड़े खुलासे करेंगे ठाकरे परिवार के करीबी रहे शिंदे?

इसके अलावा एक और ट्वीट उन्होंने किया था, जिसमें उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के विचारों को देश और धर्म की रक्षा के लिए अहम बताते हुए लोगों से बीकेसी मैदान पर जुटने का आह्वान किया था। इसी मैदान पर एकनाथ शिंदे गुट दशहरा रैली करने का जा रहा है। एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया, 'विकास की यात्रा में ईश्वर, देश और धर्म की रक्षा के लिए बालासाहेब के विचार महत्वपूर्ण हैं। आइए आज हम सबका कल्याण करने का संकल्प लें। बीकेसी मैदान पर श्री बालासाहेब के विचारों का संकल्प लेने के लिए एकजुट हों। सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं।'

इस बीच कयास यह भी लग रहे हैं कि एकनाथ शिंदे रैली में कुछ बड़े खुलासे कर सकते हैं। माना जा रहा है कि जनसभा में वे तीन प्रमुख मुद्दे उठाएंगे। बता दें कि एकनाथ शिंदे के ठाणे क्षेत्र में काफी दबदबा था। इस वजह से वह ठाकरे परिवार के भी करीबी रहे हैं। मातोश्री में उनका आना-जाना लगा ही रहता था। माना जाता है कि उनके पास कई बड़ी जानकारियां हैं। ऐसे में तनातनी के बाद वह उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगा सकते हैं। गौरतलब है कि शिवसेना के 56 सालों के इतिहास में पहली बार पार्टी के दो गुटों की अलग-अलग रैलियां हो रही हैं। इससे पहले भी नारायण राणे, छगन भुजबल और राज ठाकरे जैसे नेताओं ने पार्टी से बगावत की थी, लेकिन वह लड़ाई को इस हद तक नहीं ले गए थे।

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