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Hindi News महाराष्ट्र'धैर्य की परीक्षा न लें', क्यों भड़के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे; मनोज जरांगे को दे दी चेतावनी

'धैर्य की परीक्षा न लें', क्यों भड़के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे; मनोज जरांगे को दे दी चेतावनी

महाराष्ट्र विधानमंडल के सत्र की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने मनोज जरांगे के साथ-साथ शरद पवार और उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसा है।

'धैर्य की परीक्षा न लें', क्यों भड़के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे; मनोज जरांगे को दे दी चेतावनी
Himanshu Tiwariपीटीआई,मुंबईSun, 25 Feb 2024 10:41 PM
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वह राज्य सरकार के धैर्य की परीक्षा न लें। महाराष्ट्र विधानमंडल के सत्र की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने जवाब देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी तंज कसा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा, "जो लोग सरकार के खिलाफ बार-बार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें हमारे धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्हें कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं करनी चाहिए। मुझे आश्चर्य है कि जरांगे का भाषण आम तौर पर शरद पवार और उद्धव ठाकरे द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली स्क्रिप्ट जैसा क्यों दिखता है।"

मनोज जरांगे ने फडणवीस पर लगाया हत्या का आरोप
बता दें मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उनकी हत्या कराने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि वह मुंबई तक मार्च करेंगे और भाजपा नेता के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे। जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी में एक घंटे से अधिक के अपने भाषण के अंत में यह घोषणा की। उन्होंने फडणवीस पर कई आरोप भी लगाए। जरांगे ने कहा, "कुछ लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा और मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाने के लिए उन पर दबाव डाला जा रहा। इन साजिशों के पीछे फडणवीस का हाथ है। मैं इसी वक्त सागर बंगला (मुंबई के मालाबार हिल में फडणवीस का आधिकारिक आवास) तक मार्च करने के लिए तैयार हूं।"

ऐलान के बाद सभा में मच गई अफरा-तफरी
उनकी इस घोषणा से उस सभा स्थल में अफरा-तफरी मच गई, जहां जरांगे के समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। यहां तक कि उनमें से कुछ ने माइक्रोफोन छीनने की कोशिश की। जरांगे ने कहा कि वह अकेले मुंबई मार्च करेंगे और उन्हें सभी लोगों से केवल समर्थन की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र विधानसभा में 20 फरवरी को मराठा कोटा विधेयक पारित हो जाने के बाद उनके खिलाफ आरोप लगाये गए। उन्होंने कहा, "इन लोगों को मेरी तथाकथित गलतियों का अब जाकर कैसे एहसास हुआ और उनके बारे में बोलना शुरू किया है।" जरांगे ने "फडणवीस की ‘ब्राह्मणवादी चालों’ के बारे में भी बात की और यह भी कहा कि उनके आरोप ‘सभी ब्राह्मणों’ के खिलाफ नहीं हैं।"

उचित कार्रवाई की जाएगी: एकनाथ शिंदे
जरांगे के आक्रामक रुख और उनके भाषणों में अपशब्दों के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर सीएम शिंदे ने कहा कि कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, ''यह एक साजिश चल रही है और जल्द ही इसका पर्दाफाश किया जाएगा।'' राज्य के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी जरांगे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि ये दावे बिल्कुल झूठे हैं और कार्यकर्ता उद्धव ठाकरे और शरद पवार समेत विपक्षी नेताओं की बातें कह रहे हैं।

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