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महाराष्ट्रधुर विरोधी एकनाथ खडसे के घर पहुंचे फडणवीस, महाराष्ट्र की सियासत में क्या पक रहा?

लाइव हिन्दुस्तान,मुंबईPublished By: Madan Tiwari
Tue, 01 Jun 2021 05:32 PM
धुर विरोधी एकनाथ खडसे के घर पहुंचे फडणवीस, महाराष्ट्र की सियासत में क्या पक रहा?

महाराष्ट्र के पू्र्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के सीनियर लीडर देवेंद्र फडणवीस इन दिनों कई नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करने के बाद वे अचानक मंगलवार को धुर विरोधी माने जाने वाले एकनाथ खडसे के घर पहुंच गए। हालांकि, फडणवीस ने एकनाथ की बहू और बीजेपी सांसद रक्षा खडसे से मुलाकात की। एकनाथ के मुंबई में होने की वजह से फडणवीस की मुलाकात नहीं हो सकी। जलगांव में खडसे के आवास पर फडणवीस के दौरे के बाद महाराष्ट्र की सियासत में कई तरह की बातें खड़ी होने लगी हैं। 

फडणवीस इन दिनों जलगांव के दौरे पर हैं, जहां पर वे पिछले दिनों आए चक्रवाती तूफान की वजह से मची तबाही का जायजा ले रहे हैं। इसी दौरान, एकनाथ खडसे के घर पहुंच उनकी बहू रक्षा खडसे से फडणवीस ने मुलाकात की। जलगांव एक समय बीजेपी का गढ़ माना जाता था, लेकिन पार्टी के पूर्व सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने बीजेपी छोड़कर एनसीपी ज्वाइन कर ली थी। एकनाथ खडसे के बीजेपी छोड़ने की वजह फडणवीस के साथ रिश्ते अच्छे नहीं होना माना जाता रहा है।

एकनाथ खडसे और उनकी बेटी रोहिणी ने बीजेपी छोड़कर एनसीपी का दामन थाम लिया था, लेकिन उनकी बहू रक्षा खडसे बीजेपी में ही रहीं। रक्षा इस समय बीजेपी की सांसद हैं। खडसे के जाने के बाद बीजेपी को उसके गढ़ में तब बड़ा झटका लगा, जब उसके पार्षदों का एक बड़ा हिस्सा पार्टी छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गया। इस वजह से बीजेपी ने जलगांव नगर निगम में शिवसेना के हाथों अपनी सत्ता भी खो दी। फडणवीस और खडसे के बीच संबंध ज्यादा बेहतर नहीं रहे हैं। ऐसे में खडसे के घर उनके जाने की वजह से कई लोगों को हैरानी हो रही है।

फडणवीस ने की थी शरद पवार से मुलाकात
इससे पहले, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। पवार (80) की पित्ताशय की सर्जरी हुई थी और स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उन्होंने फिर से अपनी गतिविधियां शुरू की है। बीजेपी नेता फडणवीस ने पवार से मुलाकात के बाद ट्वीट किया था कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। यह बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा मराठों को दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने वाले, महाराष्ट्र के कानून को रद्द करने के फैसले की पृष्ठभूमि में हुई थी। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर राज्य सरकार के रवैये को लेकर भाजपा ने पांच जून को विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है।

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