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12 जुलाई, 2020|9:38|IST

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साइक्लोन निसर्ग: लैंडफॉल साइट अलीबाग से हटाए गए 4,407 लोग, बहुत से लोगों ने सुबह तक नहीं छोड़ा घर

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मुंबई से 90 किलोमीटर दूर अलीबाग ही निसर्ग चक्रवाती तूफान का लैंडफाइल साइट है। यहां से कुल 4,407 लोगों को प्रशासन ने निकाला है। निसर्ग चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की स्पीड 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। भारी बारिश के साथ निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की चेतावनी जारी की गई है। 

हालांकि, संवाददाता ने इन तटीय गांवों में देखा है कि बहुत से लोग चेतावनी के बावजूद अभी भी घरों में ही मौजूद हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ने यहां मछुआरों के तीन गांव सिद्धार्थ नगर, शास्त्री नगर और अलीबाग कोलीवाड़ा के लोगों से बात की। ये बुधवार सुबह तक अपने घरों में ही थे। पुलिसकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जगह खाली करने को कह रहे थे। सुबह से ही बारिश हो रही है और हवा की गति तेज हो चुकी है। 

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अलीबाग कोलीवाड़ा की एक महिला ने कहा, ''कल से ही बारिश हो रही है। हमें जाने से पहले अपने सभी घरेलू कामों को पूरा करना होगा। हम जल्द ही निकल जाएंगे।'' शास्त्री नगर गांव के निवासी गिरीश हिरलेकर ने कहा, ''हमें पुलिस ने 8 बजे निकाले जाने की बात की थी। हमें अपना घर छोड़ने में कुछ और समय लगेगा। हम चिंतित है कि तूफान के दौरान हमें अपना घर सूना छोड़कर जाना होगा।''

 

अलीबाग में सुबह 5:30 से सुबह 9:30 बजे के बीच 33 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि 17 तालुका वाले रायगढ़ जिले में 285 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। 

दूसरे तटीय इलाकों से भी लोगों को निकाला गया है। बुधवार सुबह 10 बजे तक श्रीवर्धन से कम से कम 2553 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। मुरुद से 2407, उरन से 1512, महासाला से 239, पेन से 87 और पनवेल से 55 लोगों को दूसरे स्थानों पर ले जाया गया है। 

रायगढ़ जिले के जिला सूचना अधिकारी मनोज सनप ने कहा, ''लोगों को विश्राम गृहों, स्कूलों, सरकारी इमारतों में ले जाया गया है। अलीबाग से अधिकतर मछुआरों के गांवों से लोगों को निकाला गया है, उन्हें स्कूलों में ले जाया गया है। तूफान के गुजरने के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दी जाएगी।'' 

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  • Web Title:Cyclone Nisarga 4407 people relocated from landfall site Alibaug many still at home