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Hindi News महाराष्ट्रये ठीक नहीं होगा; महायुति में नवाब मलिक की एंट्री पर भड़के फडणवीस, अजित पवार को लिखा पत्र

ये ठीक नहीं होगा; महायुति में नवाब मलिक की एंट्री पर भड़के फडणवीस, अजित पवार को लिखा पत्र

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर बाहर आए नवाब मलिक भी अजित पवार गुट से इसी 'महायुति' में शामिल हो गए हैं। 64 वर्षीय राकांपा नेता नवाब मलिक मार्च 2022 से अगस्त 2023 के बीच जेल में बंद थे।

ये ठीक नहीं होगा; महायुति में नवाब मलिक की एंट्री पर भड़के फडणवीस, अजित पवार को लिखा पत्र
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,नागपुरThu, 07 Dec 2023 07:30 PM
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कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 18 महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता नवाब मलिक ने गुरुवार को नागपुर में राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में भाग लिया। हालांकि, उन्होंने सत्ता पक्ष में बैठकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। यह पहली बार था कि मलिक मेडिकल जमानत पर रिहा होने के बाद राज्य विधान सत्र में शामिल हुए। खुद सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया है। उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस ने अजित पवार को पत्र लिखकर 'महायुति' में नवाब मलिक को शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई है।

फडणवीस ने मराठी में अपने पत्र में लिखा, "पूर्व मंत्री एवं विधानसभा सदस्य नवाब मलिक आज विधानमंडल में आए और कार्यवाही में भाग लिया। विधानसभा सदस्य के रूप में उन्हें यह अधिकार प्राप्त है। मैं शुरू में ही स्पष्ट कर दूं कि हमारी उनसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या द्वेष नहीं है। लेकिन, जिस तरह से उन पर आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए हमारा मानना ​​है कि उन्हें महागठबंधन में लेना उचित नहीं होगा। सत्ता आती है और जाती है, लेकिन सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण देश है। फिलहाल वह सिर्फ मेडिकल आधार पर जमानत पर बाहर हैं। अगर उन पर लगे आरोप साबित नहीं हुए तो हमें उनका स्वागत करना चाहिए। लेकिन हमारी स्पष्ट राय है कि ऐसे आरोप लगने पर उन्हें महागठबंधन का हिस्सा बनाना ठीक नहीं होगा। बेशक, यह चुनना पूरी तरह हमारा अधिकार है कि किसे हमारी पार्टी में शामिल करना है। हालांकि, हर घटक दल को यह सोचना होगा कि वह महागठबंधन में बाधा नहीं बनेगी, इसलिए हम इसके खिलाफ हैं। हम तत्कालीन मुख्यमंत्री और महा विकास अघाड़ी सरकार के विचारों से सहमत नहीं हो सकते, जिसने उन्हें देशद्रोहियों के साथ संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने पर भी मंत्री बनाए रखा। मुझे आशा है कि आप हमारी भावनाओं पर ध्यान देंगे।"

बता दें कि अपने चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के साथ बगावत करते हुए जुलाई में अजित पवार और राकांपा के आठ अन्य विधायक एकनाथ शिंदे नीत भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे और राकांपा में विभाजन हो गया था। बाद में इन तीनों धड़ों के गठबंधन को 'महायुति' नाम दिया गया। इस सरकार में भाजपा के देवेंद्र फडणवीस भी उपमुख्यमंत्री हैं। 

अब खबर है कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर बाहर आए नवाब मलिक भी अजित पवार गुट से इसी 'महायुति' में शामिल हो गए हैं। 64 वर्षीय राकांपा नेता नवाब मलिक मार्च 2022 से अगस्त 2023 के बीच जेल में बंद थे। उनका अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के मुख्य व्हिप अनिल पाटिल ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हालांकि मलिक इस आधार पर पत्रकारों से बात करने से बचते रहे कि उनके पास ऐसा न करने के लिए अदालती आदेश है।

इससे पहले जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो नवाब मलिक अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के सदस्यों के बगल में पिछली पंक्ति की बेंचों पर बैठे थे। मलिक की उपस्थिति के कारण महाराष्ट्र विधान परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता अंबादास दानवे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच मौखिक जंग शुरू हो गई।

सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार पर दोहरे मानकों का आरोप लगाते हुए, दानवे ने कहा, "आज, एक विधान सभा सदस्य (मलिक) जाकर आपकी पंक्ति में बैठ गए। लेकिन अतीत में, सीएम (शिंदे) और डिप्टी सीएम (फडणवीस) ने हमारी (महा विकास अघाड़ी) सरकार पर एक 'गद्दार' के साथ सहयोग करने का आरोप लगाया था। आपने उन पर गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के साथ वित्तीय लेन-देन का आरोप लगाया था। हम अब आपकी सरकार का रुख जानना चाहेंगे?”

फडणवीस ने यह कहते हुए पलटवार किया कि यह उद्धव ठाकरे की एमवीए थी जिसने मलिक को कैबिनेट से नहीं हटाने का निर्णय लिया था जब उन्हें कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। अगस्त में उनकी रिहाई के बाद से, शरद पवार और अजित पवार के नेतृत्व वाले राकांपा दोनों गुट मलिक को मनाने में लगे हुए हैं।

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