फोटो गैलरी

Hindi News महाराष्ट्रसियासी लेक्चर से करें परहेज, हमास विवाद के बाद IIT बॉम्बे ने जारी की एडवाइजरी

सियासी लेक्चर से करें परहेज, हमास विवाद के बाद IIT बॉम्बे ने जारी की एडवाइजरी

नए आदेश पीएचडी छात्र ओंकार सुपेकर से जुड़ी घटना के बाद आए हैं, जिन्होंने फिलिस्तीन की स्थिति पर एक व्याख्यान के बारे में पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने भाषण को भड़काऊ करार दिया था।

सियासी लेक्चर से करें परहेज, हमास विवाद के बाद IIT बॉम्बे ने जारी की एडवाइजरी
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,मुंबई।Thu, 16 Nov 2023 09:20 AM
ऐप पर पढ़ें

आईआईटी-बॉम्बे बीते दिनों लेक्चर को लेकर सुर्खियों में आया, जिसमें इजरायल-हमास युद्ध पर विवादित बयान बयान दिया गया। छात्रों के गुट ने एफआईआर तक की मांग कर दी। इस सबके बीच कॉलेज प्रबंधन ने सेमिनार पर लगाम लगाने का निर्णय लिया है। एक अंतरिम दिशानिर्देश जारी किया गया है, जिसमें राजनीतिक डिबेट के लिए बाहरी वक्ताओं को आमंत्रित करने के लिए समीक्षा समिति की अनुमति को आवश्यक कर दिया है। इसके अलावा, परिसर के अंदर बैठक की लिए पुलिस की अनुमति भी लेनी होगी। कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आईआईटी बॉम्बे के रजिस्ट्रार ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

नए आदेश पीएचडी छात्र ओंकार सुपेकर से जुड़ी घटना के बाद आए हैं, जिन्होंने फिलिस्तीन की स्थिति पर एक व्याख्यान के बारे में पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने भाषण को भड़काऊ करार दिया था। आपको बता दें कि वार्ता का आयोजन मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर शर्मिष्ठा साहा द्वारा किया गया था। 

इस दौरान सुधन्वा देशपांडे ने हमास और आतंकवाद का जिक्र किया था। पूरी डिबेट को अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया और इसे ऑनलाइन पोस्ट कर दिया। इसके बाद एक दक्षिणपंथी संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। साहा और देशपांडे की गिरफ्तारी की मांग की। विवेक विचार मंच ने परिसर के गेट पर साहा के नाम और तस्वीर वाले बड़े होर्डिंग्स लेकर नारे लगाए।

मंगलवार को जारी एक पत्र में उन्होंने कहा कि उन्हें गुमनाम फोन-कॉल आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक सहकर्मी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही धमकी भी दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों द्वारा उन्हें देशद्रोही कहा गया। जान से मारने की धमकियां दी गईं और आईआईटी बॉम्बे में उनकी सेवा समाप्त करने की मांग की गई। 

फैकल्टी फोरम ने कहा, "आरोपी छात्र को कक्षा छोड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन उसने सहयोग करने से इनकार कर दिया। इसके बजाय उससे आक्रामक तरीके से बात की। पूरे सत्र के दौरान हमारे सहयोगी ने न तो आतंकवाद के बारे में कोई राय व्यक्त की और न ही हमास के बारे में कोई राय व्यक्त की। देश में व्याप्त डरावने माहौल के कारण वह न तो फिल्म पर और न ही देशपांडे द्वारा की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दे पाईं।" 

डायरेक्टर सुभासिस चौधरी ने कहा कि विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें