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Hindi News महाराष्ट्र15 दिनों से डेंगू बुखार था, मुझे राजनीतिक बीमारी नहीं हुई; क्या बोले अजित पवार

15 दिनों से डेंगू बुखार था, मुझे राजनीतिक बीमारी नहीं हुई; क्या बोले अजित पवार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, 'कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मैं शिकायत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला था, लेकिन मैं शिकायत करने वालों में नहीं हूं।'

15 दिनों से डेंगू बुखार था, मुझे राजनीतिक बीमारी नहीं हुई; क्या बोले अजित पवार
Niteesh Kumarएजेंसी,मुंबईSat, 25 Nov 2023 11:30 PM
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार ने राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों को लेकर शनिवार को बयान दिया। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है। मालूम हो कि महायुति में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मुख्यमंत्री एकनाथ शिंद नीत शिवसेना और अजित पवार के गुट वाली राकांपा शामिल है। उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि महायुति सरकार स्थिर है, क्योंकि उसके सभी 200 विधायक एकजुट हैं और शिंदे के नेतृत्व में राज्य अच्छा कर रहा है।

अजित पवार ने कहा, 'मैं 15 दिनों तक डेंगू से पीड़ित रहा, लेकिन कुछ लोगों ने दावा किया कि मुझे राजनीतिक बीमारी हुई थी, ऐसा कुछ नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मैं शिकायत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला था, लेकिन मैं शिकायत करने वालों में नहीं हूं।' उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में आगामी चुनाव (लोकसभा व विधानसभा) के लिए सीट बंटवारे को लेकर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इसलिए महाराष्ट्र में चुनाव को लेकर कोई बातचीत अभी तक नहीं हुई है।'

8 निजी बैंकों, एमएससीबी से लेनदेन की मंजूरी
दूसरी ओर, महाराष्ट्र सरकार ने अपने विभागों को महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) के साथ 8 निजी बैंकों में खाते खोलने और अधिशेष धन का निवेश करने की अनुमति दे दी है। राज्य के वित्त विभाग ने इस आशय का सरकारी आदेश जारी किया। इसमें निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, यस बैंक, फेडरल बैंक और बंधन बैंक के नाम शामिल हैं। इन लिस्टेड बैंकों का चयन कई मानदंडों के आधार पर किया गया है। लगातार 5 वर्षों तक शुद्ध लाभ कमाना, 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध संपत्ति, 12 प्रतिशत से अधिक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से कोई प्रतिबंध न होने के आधार पर ये बैंक चुने गए हैं।

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