
सिर्फ मंत्रालयों में नहीं, चुनावों में भी दिखाइए उम्दा प्रदर्शन; वरना… मंत्रियों को BJP नेतृत्व की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में सभी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि चुनाव इस समय सीमा तक पूरे हो जाएं।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से पहले जहां विपक्षी दल वोट चोरी और फर्जी वोटर्स का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं राज्य की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्ची (BJP) ने अपने सभी मंत्रियों से दो टूक कहा है कि उन्हें अपने-अपने विभागों में उम्दा प्रदर्शन करने के साथ-साथ अपने-अपने इलाकों में भी बेहतर चुनावी प्रदर्शन करना होगा। इंडियन एक्सप्रेस के मुंबई कॉन्फिडेन्शियल कॉलम की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने हाल ही में पार्टी की एक आंतरिक बैठक में भाजपा कोटे के मंत्रियों को अपने-अपने जिलों पर विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने और बेहतर चुनावी नतीजे देने की सख्त चेतावनी दी है।

अखबार ने एक अंदरूनी सूत्र के हवाले से लिखा है, "चव्हाण ने सभी मंत्रियों से दो टूक कहा है कि स्थानीय निकाय चुनावों में उनकी कोशिशों के नतीजे दिखने चाहिए।" रिपोर्ट में कहा गया है कि चव्हाण ने साफ-साफ कहा है कि जो भी मंत्री इसमें विफल रहेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रियों के कामकाज का ऑडिट सिर्फ उनके संबंधित मंत्रालयों और विभाग के प्रशासनिक प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि उनके इलाकों में स्थानीय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर भी आधारित होगा।
31 जनवरी 2026 तक होने हैं चुनाव
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में सभी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग (SEC) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि चुनाव इस समय सीमा तक पूरे हो जाएं। इन चुनावों के बीच, इस समय विपक्षी दलों (महा विकास अघाड़ी और MNS) ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए चुनाव स्थगित करने की मांग की है।
BMC चुनाव भी शामिल
हालांकि, महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई मतदाता सूची का ही उपयोग स्थानीय निकाय चुनावों के लिए किया जाएगा। महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों (Municipal Corporations), 247 नगर परिषदों (Municipal Councils), और 32 जिला परिषदों (Zilla Parishads) सहित कई स्थानीय निकायों के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। इनमें BMC चुनाव भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश भी दिया है कि चुनाव 2022 से पहले की ओबीसी आरक्षण व्यवस्था पर ही कराए जाएं।
96 लाख फर्जी मतदाता जोड़ने के आरोप
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में 96 लाख फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग को चुनौती देते हुए सवाल किया कि मतदाता सूची को शुद्ध किए बिना वह स्थानीय निकाय चुनाव कैसे कराएगा। MNS के बूथ स्तरीय एजेंट को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि अगर मतदाता सूची में हेराफेरी करके चुनाव कराये जाते हैं, तो यह मतदाताओं का सबसे बड़ा अपमान है। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची की जांच करके फर्जी मतदाताओं का पता लगाने का आग्रह किया। महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा था कि कोई भी राजनीतिक दल मतदाता सूची से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है और मतदाता सूचियों में सुधार और अद्यतन सुरक्षित रूप से प्रबंधित किया जा रहा है।





