BMC के मेयर पर रार? पार्षदों को होटल में रखने से अटकलें, राउत बोले- टाइगर जिंदा है और…
संजय राउत ने कहा कि मोदी जी की सरकार चल रही है और यहां पर देवेंद्र फडणवीस जैसा मजबूत सीएम है, फिर अपने पार्षदों को कैदखाने में रखना पड़ रहा है। यह डर तो है ना, आखिर किसका डर है। अपने लोगों को क्यों बंद करके रखा है?

बीएमसी का मेयर कौन होगा? नगर निगम चुनाव के बाद यह सवाल और गहरा गया है। शिवसेना के 29 पार्षदों को होटल में भेज देने से अटकलों का बाजार गरम है। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने इसे लेकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर सोमवार को निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी कहते हैं कि मेयर बीजेपी का बनेगा लेकिन कैसे बनेगा, उन्होंने यह नहीं बताया। बीजेपी के पास बहुमत नहीं है और वे बैसाखी पर हैं। शिंदे की पार्टी के जो पार्षद हैं, उन्हें बंद करके रखा गया है। ताज होटल को जेल बना दिया है। वहां पर जो दूसरे लोग ठहरे हैं, उनकी शिकायत आ रही है कि हमको भी कैदखाने में रखा है।'
संजय राउत ने कहा कि मोदी जी की सरकार चल रही है और यहां पर देवेंद्र फडणवीस जैसा मजबूत मुख्यमंत्री है, फिर अपने पार्षदों को कैदखाने में रखना पड़ रहा है। यह डर तो है ना, आखिर किसका डर है। उन्होंने सवाल किया, 'अपने लोगों को क्यों बंद करके रखा है? यह बता दीजिए। हमारे पार्षद तो खुलेआम घूम रहे हैं। मातोत्री पर आते हैं, मीटिंग करते हैं और चले जाते हैं। हमको किसी का डर नहीं है।' राउत ने कहा कि बीजेपी और शिंदे, दोनों की ओर से अपने मेयर की बात की जा रही है। अब जिनको बनाना है, वो बना लेगा। हम लोग हैं ना, टाइगर जिंदा है। हमारी शिवसेना और साथियों के पास ऐसा आंकड़ा है, जो उनको चैलेंज कर देगा। लेकिन, कभी-कभी मजा भी लेना चाहिए और हमारा खेमा अभी मजा ले रहा है।
पार्षदों से रात में मिले एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार रात को शिवसेना सदस्यों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुंबई को महायुति का मेयर मिलेगा। उनकी पार्टी ने अपने इन पार्षदों को एक होटल में भेज दिया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि मतदाताओं ने भावनात्मक मुद्दों के बजाय विकास को चुना है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मुंबई में महायुति का मेयर होगा। कल्याण-डोम्बिवली जैसे पड़ोसी शहरों में भी महायुति के मेयर होंगे।’ पार्षदों को एक आलीशान होटल में निगरानी में रखे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए शिंदे ने कहा कि शिवसेना निडर है। उन्होंने कहा, ‘होटल में नए पार्षदों को आपस में बातचीत करने के लिए एक साझा मंच मिलेगा। मैं उनसे मिलना चाहता था।’
वीबीए के 2 पार्षदों ने शिवसेना को समर्थन
इस बीच, उल्हासनगर नगर निगम में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के 2 नवनिर्वाचित पार्षदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दे दिया है, जिससे नगर निकाय में उसकी स्थिति और मजबूत हो गई है। ठाणे जिले में स्थित 78 सदस्यीय इस नगर निकाय के लिए 15 जनवरी को हुए चुनाव में महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के घटक दलों भाजपा और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और क्रमशः 37 और 36 सीट जीती थीं। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि नवनिर्वाचित वीबीए पार्षदों सुरेखा सोनावणे और विकास खरात ने रविवार रात मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर उनसे मुलाकात की और समर्थन पत्र सौंपे। इस मौके पर कल्याण से शिवसेना सांसद व एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे भी इस मौके पर मौजूद थे। सोनावणे और खरात ने कहा कि उनका यह फैसला अपने-अपने वार्ड का समग्र विकास सुनिश्चित करने और दलित बस्ती सुधार योजना के तहत कार्यों को लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है।





