एनसीपी के विलय पर थम नहीं रहे कयास, भतीजे रोहित पवार का दावा- सुनेत्रा काकी 9 फरवरी के बाद करेंगी बात
शरद पवार के पोते और उनके बेहद करीबी रोहित पवार ने दावा किया है कि सुनेत्रा पवार 9 फरवरी के बाद विलय पर बात कर सकती हैं। इससे पहले भाजपा की ओर से भी कहा जा चुका है कि यदि एनसीपी के विलय का कोई प्लान है तो इस पर सुनेत्रा पवार को ही फैसला लेना होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद से हलचल मची हुई है। उनके निधन के तीन दिन बाद ही सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम के पद पर शपथ ले ली। इसके बाद से चर्चा तेज है कि वह एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। इस बीच चर्चा यह भी है कि एनसीपी का विलय भी हो सकता है। शरद पवार के पोते और उनके बेहद करीबी रोहित पवार ने दावा किया है कि सुनेत्रा पवार 9 फरवरी के बाद विलय पर बात कर सकती हैं। इससे पहले भाजपा की ओर से भी कहा जा चुका है कि यदि एनसीपी के विलय का कोई प्लान है तो इस पर सुनेत्रा पवार को ही फैसला लेना होगा।
दरअसल बीते कुछ दिनों में अजित पवार गुट की एनसीपी के कई नेता विलय को लेकर असमंजस जताया था। लेकिन रोहित पवार विलय को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। वह अजित पवार के रिश्ते में भतीजे हैं। अजित पवार ने कहा, 'इस पर अब तक परिवार में कोई बात नहीं हुई है। हम तेरह दिनों की अवधि के बाद इस पर बात करेंगे। सुनेत्रा काकी ने डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। वह 9 फरवरी के बाद विलय के मसले पर बात करेंगी। इसलिए हम इस विषय पर तब ही बात करेंगे।' दरअसल शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी।
अजित पवार के निधन से कुछ वक्त पहले ही कहा जा रहा था कि एनसीपी के विलय को लेकर चर्चा हो रही है। लेकिन उनके निधन के बाद दोनों गुटों की ओर से अलग-अलग बयान आए। लेकिन जब शरद पवार ने बहू सुनेत्रा पवार और पोतों जय पवार और पार्थ पवार से मुलाकात की तो चर्चाओं को फिर से बल मिला है। दरअसल इन कयासों ने एक मीटिंग के बाद से जोर पकड़ा है। शरद पवार ने विद्या प्रतिष्ठान स्थित कार्यालय में एक बैठक की थी। इसमें उनकी पत्नी प्रतिभा मौजूद थीं। इसके अलावा अजित पवार के दोनों बेटे जय और पार्थ भी थे। यही नहीं उनके भाई श्रीनिवास और चचेरे भाई राजेंद्र पवार और उनके बेटे रोहित पवार भी मौजूद थे।
अजित पवार का स्मारक बनवाने पर हुई चर्चा
कहा जा रहा है कि इस बैठक में अजित पवार का बारामती में एक स्मारक बनवाने को लेकर मंथन हुआ। माना जा रहा है कि शरद पवार गुट इस मौके को करीब आने के लिए सही मान रहा है। इसके अलावा चर्चा यह भी है कि विलय के बाद भी एनसीपी की चीफ सुनेत्रा पवार ही रह सकती हैं।
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