
10 मिनट में मुंबई ठप कर सकते हैं ठाकरे, राउत की चेतावनी; फडणवीस ने दिलाई शिंदे की याद
दोनों ठाकरे नेताओं के बीच वैचारिक मतभेदों को लेकर राउत ने कहा कि राजनीति में समझौते जरूरी होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में शिवसेना ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई थी, जबकि दोनों की विचारधाराएं अलग थीं।
महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी चुनावों से पहले ठाकरे परिवार की एकता को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बड़ा दिया। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार की ताकत आज भी कायम है और वे चाहें तो मिनटों में मुंबई को ठप कर सकते हैं। राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा- ठाकरे परिवार को कभी मिटाया नहीं जा सकता। हम अभी भी मुंबई को 10 मिनट में बंद कर सकते हैं।
एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि राज और उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की पहचान हैं और साथ मिलकर वे मराठी मानूस की आवाज बनते हैं। उन्होंने कहा- ठाकरे ब्रदर्स एक ब्रांड हैं। अगर ठाकरे बचे रहेंगे, तो मराठी मानूस बचा रहेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच करीब 20 साल बाद फिर से सुलह देखने को मिली है। ठाकरे चचेरे भाइयों की यह नजदीकी आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव 2026 से पहले बेहद अहम मानी जा रही है, जिसे मुंबई की सत्ता का सेमीफाइनल कहा जाता है।
संजय राउत ने दोनों नेताओं के रिश्ते पर कहा- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भाई हैं। उनकी माताएं सगी बहनें हैं। यह एक पारिवारिक मामला था। मैं दोनों पक्षों का मित्र हूं। अगर उनकी सुलह में मेरी कोई भूमिका रही है तो मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं।
विचारधारा अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्र सर्वोपरि
दोनों ठाकरे नेताओं के बीच वैचारिक मतभेदों को लेकर राउत ने कहा कि राजनीति में समझौते जरूरी होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में शिवसेना ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई थी, जबकि दोनों की विचारधाराएं अलग थीं।
राउत के मुताबिक- ठाकरे परिवार की विचारधाराएं भले अलग हों, लेकिन उन्होंने राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी है। गठबंधन के लिए कुछ मुद्दों पर समझौता करना ही पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर गठबंधन आगे बढ़ता है तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को भी कुछ विषयों पर लचीला रुख अपनाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी- दुश्मनी की राजनीति देश को तोड़ती है।
‘ठाकरे एक ब्रांड हैं’
मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार की भूमिका पर राउत ने जोर देते हुए कहा- ठाकरे महाराष्ट्र की आत्मा का हिस्सा हैं। ठाकरे एक ब्रांड हैं। अगर ठाकरे बचेंगे, तो मराठी मानुष बचेगा। उन्होंने आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर दावा किया कि मुंबई को ठाकरे परिवार की पार्टियों से ही मेयर मिलेगा। राज और उद्धव अलग नहीं हैं। हम एक हैं। मुंबई का मेयर हमारा ही होगा।
एकनाथ शिंदे से दोबारा गठबंधन से इनकार
संजय राउत ने साफ किया कि उद्धव ठाकरे गुट भविष्य में कभी भी एकनाथ शिंदे के साथ काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि शिंदे ने सत्ता संघर्ष के दौरान शिवसेना को तोड़कर उद्धव ठाकरे से पार्टी छीन ली थी और ऐसे व्यक्ति के साथ फिर से हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता।
फडणवीस का पलटवार
एक घंटे बाद उसी इवेंट में बोलते हुए, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और सीनियर बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) नेता की 'खोखली धमकियों' को ज्यादा अहमियत नहीं दी। फडणवीस ने कहा- उन्होंने कहा था कि वे एकनाथ शिंदे को मुंबई में घुसने नहीं देंगे। लेकिन वह 50 विधायकों के साथ आए और राजभवन जाकर सरकार बनाई। जब बाल ठाकरे जिंदा थे, तब ऐसा (बंद) हो सकता था। लेकिन अब ये लोग ऐसा नहीं कर सकते।





