आठवले ने महायुति पर लगाया ‘विश्वासघात’ का आरोप, कांग्रेस-उद्धव सेना में भी झड़प; रोचक हुआ BMC चुनाव
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों को दूर करने की कोशिश की।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव 15 जनवरी को होने वाले हैं, जिसमें 227 वार्डों के लिए मतदान होगा। इस चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-आठवले) के नेता रामदास आठवले ने भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर अपनी पार्टी को सीट बंटवारे से बाहर रखने का आरोप लगाते हुए इसे 'विश्वासघात' करार दिया।
सत्तारूढ़ सहयोगी भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने सोमवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव में क्रमशः 137 और 90 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए सीट बंटवारे पर सहमति जताई। आठवले ने समझौते से बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- महायुति के गठन के बाद से हम पूरी निष्ठा और दृढ़ता से गठबंधन के साथ खड़े रहे हैं लेकिन सीट बंटवारे को लेकर आज जो हुआ है, वह विश्वासघात है।’
आठवले ने शिंदे से की मुलाकात, बीएमसी चुनावों में अपनी पार्टी के लिए अतिरिक्त सीट की मांग की
आठवले ने बुधवार को यहां महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की और मुंबई एवं ठाणे में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों में आरपीआई (ए) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भजपा-शिवसेना कोटे से अतिरिक्त सीटों की मांग की। शिंदे के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है- बुधवार को बातचीत के दौरान, आठवले ने मुंबई और अन्य प्रमुख नगर निगमों में प्रतिनिधित्व के संबंध में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती भावना को व्यक्त किया।
फडणवीस ने दिया भरोसा, हो गई सुलह?
सूत्रों की मानें तो विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया। 31 दिसंबर को आठवले की फडणवीस से मुलाकात के बाद सुलह हो गई है। आरपीआई को 12 सीटें देने पर सहमति बनी (भाजपा और शिंदे सेना अपने कोटे से 6-6 सीटें छोड़ेंगी)। नामांकन वापसी की तारीख (2 जनवरी) से पहले आरपीआई उम्मीदवारों को महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार बनाया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों को दूर करने की कोशिश की। उनके पास 17 सीटों की लिस्ट थी, और हमने उन्हें बताया कि हमें 5-6 सीटें मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने अमित सातम और प्रवीण दारेकर को फोन करके यह पता लगाने का निर्देश दिया कि कौन सी सीटें दी जा सकती हैं।
कांग्रेस-उद्धव सेना में झड़प
विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) में भी सीट बंटवारे को लेकर तनाव है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। उद्धव गुट ने कांग्रेस पर प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी से गठबंधन कर उद्धव सेना को कमजोर करने का आरोप लगाया। शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की 'बी-टीम' बनकर काम कर रही है। उद्धव और राज ठाकरे के करीब आने से एमवीए के समीकरण बदल गए, जिससे कांग्रेस की स्थिति कमजोर हुई। इन झड़पों से विपक्षी एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
वंचित बहुजन आघाडी को 20 सीट पर नहीं मिले उम्मीदवार
मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के बीच हुए गठबंधन को उस समय झटका लगा, जब यह बात सामने आई कि प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वीबीए के पास उसे आवंटित 62 सीट में से 20 पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार ही नहीं हैं। वीबीए के पास उम्मीदवार न होने की इस स्थिति के बाद अब कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
महानगरपालिका की कुल 227 सीट के लिए रविवार को कांग्रेस और वीबीए के बीच 143-62 के अनुपात में सीट बंटवारे का समझौता हुआ था। इसमें से कुछ सीट राष्ट्रीय समाज पक्ष और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (गवई गुट) को देने का निर्णय लिया गया था। कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि वीबीए ने पार्टी को सूचित किया है कि उसके पास 20 सीट पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार नहीं हैं और उसने ये सीट वापस कर दी हैं।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि उन्हें इन 20 वार्डों के कांग्रेस मतदाताओं के साथ सहानुभूति है। मुंबई और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दलित मतदाताओं के बीच वीबीए का प्रभाव है। डॉ. बी आर आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली इस पार्टी का मुख्य आधार 'नवबौद्ध' मतदाता हैं।
जांच के बाद विभिन्न दलों के कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज
बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के लिए कुल 2,516 नामांकन दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 2,122 नामांकन अंतिम दिन ही जमा किए गए। हालांकि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कई उम्मीदवारों के नामांकन अधूरे दस्तावेज, फॉर्म में त्रुटियों और अनिवार्य प्रमाणपत्र जमा नहीं करने के कारण खारिज कर दिए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नामांकन पत्र जमा कराने के अंतिम दिन 30 दिसंबर तक कुल 2,516 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। बुधवार को जांच के दौरान कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), आम आदमी पार्टी (आप), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कई निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज किए गए।
अधिकतर दलों ने बगावत से बचने के लिए अंतिम दो से तीन दिनों में ही सीट के बंटवारे को अंतिम रूप दिया और ‘ए’ व ‘बी’ फॉर्म (नामांकन जमा करने के लिए अहम दस्तावेज) जारी किए। इसके कारण 29 और 30 दिसंबर को नामांकन जमा करने की भारी भीड़ देखी गई। अधिकारियों ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में देरी, आखिरी समय में दस्तावेजों की तैयारी, जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा नहीं करना और अधूरी जानकारी जैसे कारणों से नामांकन पत्र खारिज हुए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए गए हैं, वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि जांच से जुड़ी सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक नामांकन पत्र निर्दलीय उम्मीदवारों के खारिज हुए हैं, हालांकि प्रमुख राजनीतिक दल भी इससे अछूते नहीं रहे।
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के मामले में वार्ड 109 से उम्मीदवार भारत दनानी का नामांकन जांच के दौरान खारिज कर दिया गया। एफ-साउथ वार्ड (वार्ड 200 से 206) में बसपा के एक उम्मीदवार का नामांकन इस कारण खारिज हुआ क्योंकि प्रस्तावक का नाम फॉर्म में दो बार दर्ज था। कांग्रेस उम्मीदवार मनोज कन्नौजिया (वार्ड 226) का नामांकन जाति प्रमाणपत्र जमा नहीं करने के कारण स्वीकार नहीं किया गया। इसी आधार पर वार्ड 226 से नामांकन दाखिल करने वाले आप उम्मीदवार नवनाथ लालगे का नामांकन भी खारिज कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, वार्ड 211 और 212 से भाजपा के दोनों उम्मीदवारों के नामांकन अधूरे दस्तावेजों और अन्य कमियों के कारण खारिज कर दिए गए। बीएमसी सहित राज्य में 29 महानगर पालिका के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन की जाएगी। नामांकन प्रक्रिया 23 दिसंबर को शुरू हुई थी और 30 दिसंबर को समाप्त हुई। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि दो जनवरी है, जबकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची तीन जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।
(इनपुट एजेंसी)
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