
पुणे नगर निगम चुनाव में गजब का 'खेल', प्रतिद्वंद्वी का AB फॉर्म फाड़कर खा गया शिवसेना कैंडिडेट; FIR दर्ज
महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव पहले से ही पूरे राज्य में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये चुनाव और भी रोचक हो गए जब पुणे में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के दो उम्मीदवारों के बीच विवाद हुआ और आरोप लगा कि एक उम्मीदवार ने अपने प्रतिद्वंद्वी का एबी फॉर्म फाड़कर निगल लिया।
महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव पहले से ही पूरे राज्य में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये चुनाव और भी रोचक हो गए जब पुणे में एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के दो उम्मीदवारों के बीच विवाद हुआ और आरोप लगा कि एक उम्मीदवार ने अपने प्रतिद्वंद्वी का एबी फॉर्म फाड़कर निगल लिया। बताया जा रहा है कि पुणे के धनकवड़ी-सहकारनगर इलाके में वार्ड नंबर 36 से मच्छिंद्र ढवाले और उद्धव कांबले को शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से एबी फॉर्म जारी किए गए थे। कांबले को कथित तौर पर तब पता चला जब वे नामांकन दाखिल करने गए। आरोप है कि उन्होंने ढवाले का फॉर्म छीन लिया, फाड़ दिया और चुनाव अधिकारियों के सामने ही टुकड़े निगल लिए,और वॉशरूम की ओर भाग गए।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में उद्धव कांबले के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी राहुल खिलारे ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं। वहीं, ढवाले ने कहा कि उन्हें दोबारा कागजात दाखिल करने को कहा गया। दूसरी ओर उद्धव कांबले ने फॉर्म निगलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें सुनने में आया था कि पार्टी से दूसरा उम्मीदवार भी है। वे बोले कि मैं नहीं जानता कि ये ढवाले कौन हैं। उनका हमारी पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वे पार्टी पदाधिकारी भी नहीं हैं। मैं उनसे कभी मिला भी नहीं हूं। पार्टी के वरिष्ठों और जिला प्रमुखों से पूछने पर उन्हें आश्वासन मिला कि कोई दूसरा फॉर्म नहीं दिया गया। वहीं, चुनाव अधिकारियों ने भी यही कहा।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन खुद जांच करने पर जब दूसरा फॉर्म मिला तो गुस्से में उन्होंने उसे फाड़ दिया। वे बोले कि मैं इस बात से बहुत आहत था कि चुनाव आयोग जैसी सरकारी संस्था शिवसेना जैसे राष्ट्रीय पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार से झूठ बोलेगी। फटे फॉर्म के टुकड़ों के बारे में पूछने पर कहा कि अफरा-तफरी में पता नहीं कहां गए। अगर आरोप है कि मैंने खाया, तो मेडिकल जांच कराएं। अगर पेट में मिले तो कार्रवाई करें, नहीं तो झूठी शिकायत वापस लें।
वहीं, ढवाले ने कहा कि वे उस घटना के प्रत्यक्ष गवाह नहीं थे। उन्होंने सुना कि उनका फॉर्म फाड़कर खा लिया गया, लेकिन कोई शिकायत नहीं क्योंकि वे (कांबले) हमारी पार्टी से हैं और मेरे अच्छे दोस्त हैं, इसलिए कोई दुर्भावना नहीं है। खुद को शिवसेना का आधिकारिक उम्मीदवार बताते हुए ढवाले ने कहा कि अब दो फॉर्म सामने आने पर पार्टी अंतिम फैसला लेगी। हालांकि, शिवसेना ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि असली उम्मीदवार कौन है।





