
आतंकवादी संग खाता… ATS अधिकारी बन जालसाज का आया फोन, बुजुर्ग ने 1.44 करोड़ गंवाए
साइबर फ्रॉड ने बुजुर्ग को कॉल करके कहा कि लखनऊ एटीएस ने एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। उसके पास मौजूद जानकारी में आपका खाता भी शामिल है। इसके बाद उसने अपने सीनियर अधिकारी से बात करवाने के नाम पर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
साइबर जालसाजों ने एनआईए और एटीएस अधिकारी बनकर पुणे के एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। जालसाजों ने बुजुर्ग को धमकाकर करीब 1.44 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। इसके बाद जब व्यक्ति को इस बात की जानकारी हुई, तो उन्होंने जाकर पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखवाई।

पुलिस अधिकारी ने एफआईआर का हवाला देते हुए बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 23 सितंबर को हुई थी। अधिकारी ने कहा, “73 वर्षीय पीड़ित व्यक्ति के पास एक फोन आया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई का निरीक्षक बताया। उसने कहा कि एटीएस की लखनऊ इकाई ने एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। इस आतंकवादी ने आपके (पीड़ित व्यक्ति) के खाते का इस्तेमाल किया है।” पहले एटीएस और फिर आतंकवादी का नाम सुनकर व्यक्ति डर गया और फिर साइबर फ्रॉड के चक्कर में फंस गया।
अधिकारी ने बताया, “बुजुर्ग को अपने झांसे में लेने के बाद उसने अपने सीनियर अधिकारी से बात करने के नाम पर उसने पुलिस वर्दी पहने दूसरे जालसाज को फोन पकड़ा दिया। इस दौरान पूरे समय वीडियो कॉल जारी रहा। जालसाजों ने पीड़ित व्यक्ति को जेल जाने और समाज में नाक कटने का इतना भय दिखाया कि उसने अपनी जीवन की कमाई करीब 1.44 करोड़ रुपए उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए।”
इसके बाद जब उन्होंने बाकी लोगों को इसके बारे में बताया तो उन्हें पता चला कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। फिर उन्होंने आकर पुलिस में रिपोर्ट लिखवाई।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता और इंफ्रॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल इसकी जांच जारी है।



