सुनसान किला, खौफनाक साजिश और एक गलती; ऐसे खुला सिया के 'केतन मर्डर प्लान' का राज

लाइव हिन्दुस्तान, पुणे
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Ketan Agarwal Murder Case: 18 जून को लोनावला के निकट लोहागढ़ किले में व्यवसायी केतन विशाल अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरू में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन परिवार के संदेह और पुलिस की गहन जांच ने मामले को हत्या में बदल दिया।

Ketan Agarwal Murder Case

सगाई के कुछ महीनों बाद ही अपनी मंगेतर के हाथों मौत के घाट उतार दिया गया 24 वर्षीय युवा व्यवसायी केतन विशाल अग्रवाल मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। लोनावला के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 18 जून को हुई इस दर्दनाक घटना को शुरू में सामान्य 'दुर्घटना' बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन केतन के परिवार के संदेह और पुलिस की बारीक जांच ने पूरे मामले का चेहरा ही बदल दिया।

पुलिस ने इस पूरे प्रकरण को ठंडे दिमाग से रची गई प्रेम-त्रिकोण हत्या करार दिया है। केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके लंबे समय से चले आ रहे गुप्त प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

सिया का जन्मदिन मनाने पहुंचे थे लोहागढ़

दरअसल, 18 जून को सिया गोयल के 20वें जन्मदिन के जश्न के बहाने केतन अपनी मंगेतर के साथ लोहागढ़ किले पहुंचे थे। सिया ने पुलिस को दिए अपने शुरुआती बयान में कहा था कि केतन किले की दीवार के पास तस्वीरें लेते समय फिसल गए और नीचे घाटी में गिर पड़े। पुलिस ने भी शुरू में इसे आकस्मिक मौत मान लिया और मामला दर्ज कर तुरंत बंद कर दिया।

लेकिन केतन के परिवार ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया। परिवार का कहना था कि केतन एक बेहद अनुभवी पर्वतारोही और ट्रेकर था। वह लोहागढ़ किले और आसपास के इलाके से अच्छी तरह वाकिफ था। ऐसे में इतनी आसानी से संतुलन खोकर गिरने का दावा परिवार को बिल्कुल विश्वसनीय नहीं लगा। परिवार के इन सवालों ने पूरे मामले को फिर से खोल दिया।

पुलिस की जांच और अहम क्लू

इसके बाद पुलिस अधिकारी दिनेश तायडे के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और मौसम रिपोर्ट की गहराई से जांच शुरू की। सबसे अहम सबूत लोहागढ़ किले की तलहटी में लगे सीसीटीवी कैमरे से मिला। फुटेज में एक व्यक्ति दिखा जो हुडी का हुड सिर पर खींचे हुए था और हेडफोन लगाए हुए था। 18 जून की सुबह का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था। इतनी गर्मी में हुडी और हेडफोन देखकर पुलिस को शक हुआ। बाद में इस व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जो सिया गोयल का गुप्त प्रेमी था।

2000 से अधिक कॉल्स और मीटिंग

इतना ही नहीं, जांच में खुलासा हुआ कि सिया और चेतन पिछले एक साल से ज्यादा समय से प्रेम संबंध में थे। दोनों के बीच 2000 से अधिक फोन कॉल्स हुए थे। जांच में ये भी पता चला कि घटना से ठीक पहले दोनों एक कैफे में मिले थे, जहां उन्होंने लोहागढ़ किले के अंदर 'दुर्घटना' रचाने की योजना बनाई थी। चेतन ने किले जाने से पहले अपना मोबाइल फोन पुणे के कोंढवा स्थित घर पर ही छोड़ दिया था, ताकि डिजिटल ट्रैकिंग से बचा जा सके। लेकिन सीसीटीवी और अन्य सबूतों ने उसे घटनास्थल से जोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार, चेतन 18 जून को केतन और सिया से पहले किले पहुंच गया। बाद में तीनों एक सुनसान जगह पर गए, जहां चेतन ने केतन को घाटी में धकेल दिया। चार दिन पहले केतन और सिया जब किले गए थे, तब केतन को लगा था कि किसी ने पीछे से उसे धक्का दिया। उसने किसी तरह झाड़ियों को पकड़कर खुद को बचा लिया था। सिया ने इसे 'सांप' देखने की कहानी बनाकर टाल दिया।

बाली यात्रा रद्द और पासपोर्ट गुम होना

केतन और सिया की प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाली यात्रा भी अचानक रद्द हो गई थी क्योंकि केतन का पासपोर्ट लोनावला में 'गुम' हो गया था। परिवार का आरोप है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट छिपाया था।

शादी की भव्य तैयारी

बता दें कि केतन और सिया की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी। नवंबर में उदयपुर के एक महल में 14 करोड़ रुपये खर्च कर भव्य शादी का आयोजन तय था। दोनों परिवारों के बीच व्यापारिक संबंध भी थे, जिसके कारण केतन के पिता ने शुरुआती शंकाओं को नजरअंदाज कर दिया। अब केतन के पिता विशाल अग्रवाल कहते हैं कि हमने शादी टालने के बारे में सोचा था क्योंकि सिया बहुत छोटी थी, लेकिन उसके परिवार ने जोर देकर कहा कि केतन जैसा लड़का फिर नहीं मिलेगा।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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