टीपू सुल्तान विवाद में पाकिस्तान की एंट्री, नितेश राणे बोले-इस्लामाबाद में बनाओ चौराहे
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान विवाद को लेकर मंत्री नितेश राणे ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में कहीं भी टीपू सुल्तान के नाम पर कोई सार्वजनिक स्थान नहीं बनने दिया जाएगा। भारत में इसकी कोई जगह नहीं, पाकिस्तान और इस्लामाबाद में टीपू के नाम के चौराहे बनाए जा सकते हैं।

महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने टीपू सुल्तान का समर्थन करने वाले लोगों को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि राज्य में टीपू के नाम पर सार्वजनिक स्थानों के निर्माण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि ऐसे नामों वाले स्थान पाकिस्तान और इस्लामाबाद में बनाए जाने चाहिए, भारत में इनकी कोई जगह नहीं है। गौरतलब है कि राणे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल द्वारा टीपू सुल्तान और छत्रपति शिवाजी की तुलना करने वाले बयान ने तूल पकड़ा हुआ है।
सकपाल की माफी के मामले और मीरा-भयंदर और अन्य शहरों में टीपू सुल्तान के नाम से सार्वजनिक स्थानों के नाम रखे जाने का सवाल नितेश राणे से पूछा गया तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "जहां कहीं भी ऐसे चौराहे हैं, हम उन्हें हटा देंगे। टीपू के नाम पर चौराहे पाकिस्तान और इस्लामाबाद में बनाए जाने चाहिए। हम अपने हिंदू राष्ट्र में इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम चुप नहीं रहेंगे।" इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के चौराहों को बनाए रखने या बनाने के लिए हम किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ था, जब महाराष्ट्र में एक डिप्टी मेयर ने अपने कार्यालय में टीपू सुल्तान की फोटो लगा ली थी। इस मामले पर जब कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष हर्षवर्धन सकपाल से पूछा गया तो उन्होंने छत्रपति शिवाजी की तरह ही टीपू सुल्तान की देश भक्ति को जाहिर करना शुरू कर दिया। महाराष्ट्र समेत पूरे भारत में टीपू सुल्तान को एक विवादस्पद व्यक्तित्व के तौर पर माना जाता है। इतिहासकारों के मुताबिक टीपू सुल्तान ने अपने राज्य में हिंदुओं के ऊपर अत्याचार किए थे।
इसी को देखते हुए भाजपा ने हर्षवर्धन को हमला बोल दिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सकपाल को छत्रपति शिवाजी महाराज से टीपू सुल्तान की तुलना करने पगर शर्म आनी चाहिए। उन्हें इसके लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
मामले को बढ़ते देख सकपाल ने बात संभालने की कोशिश की लेकिन भाजपा ने हमलावार रुख अपनाए रखा। इसके बाद सकपाल ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। सपकाल ने मंगलवार को अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि भाजपा के एक दुर्भावनापूर्ण एजेंडे के तहत सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए उनकी टिप्पणियों को ''जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया''।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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