ब्लैक बॉक्स डेटा से छेड़छाड़ की हो रही कोशिश; अजित पवार विमान हादसे में MLA भतीजे का नया आरोप
रोहित पवार ने X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि विमान का संचालन करने वाली कंपनी VSR Ventures के मालिक वीके सिंह कथित तौर पर विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) यानी ब्लैक बॉक्स के डेटा को संपादित करने की कोशिश कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। दिवंगत पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार के भतीजे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP SP) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि हादसे में शामिल विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा से छेड़छाड़ करने की कोशिश की जा रही है। पवार ने दावा किया कि VSR वेंचर्स के मालिक वी के सिंह कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त विमान के "ब्लैक बॉक्स" डेटा से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि विमान (एक Learjet 45) के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) डेटा के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ फोरेंसिक ऑडिट के दौरान पकड़ में आ जाएगी।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "ऐसी खबरें हैं कि VSR कंपनी के मालिक वी के सिंह, जो डेटा में छेड़छाड़ करने में माहिर माने जाते हैं, कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त विमान के FDR डेटा में बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं।" फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (जिसे आमतौर पर ब्लैक बॉक्स कहा जाता है) एक ऐसा उपकरण है जो विमान के विभिन्न मापदंडों और परिचालन डेटा को रिकॉर्ड करता है, जिसका उपयोग दुर्घटना की जांच में किया जा सकता है।
DGCA और AAIB के अधिकारियों के चेताया
विपक्षी दल के विधायक ने कहा कि DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) या AAIB (विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो) के अधिकारी अगर इस प्रक्रिया में शामिल हैं या सहयोग कर रहे हैं, तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी पकड़ी जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “एक बार समिति बन जाने के बाद, फोरेंसिक ऑडिट (एक ऐसी प्रक्रिया जो विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद करती है) किया जाएगा, इसलिए किसी को भी डेटा के साथ छेड़छाड़ करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए।”
कुछ अधिकारी मिलीभगत में शामिल
रोहित पवार ने कहा कि हो सकता है कि कुछ अधिकारी मिलीभगत में शामिल हों, लेकिन DGCA में अभी भी कई अधिकारी ईमानदार और निष्पक्ष हैं। VSR वेंचर्स द्वारा संचालित एक Learjet 45 विमान 28 जनवरी को पुणे जिले में बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान चली गई थी।
FIR दर्ज करने की भी मांग
बता दें कि रोहित पवार इस दुर्घटना को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने VSR वेंचर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी मांग की है। रोहित पवार ने इस संबंध में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं से भी मुलाकात की है और उनसे आग्रह किया है कि वे संसद में विमान दुर्घटना का मुद्दा उठाएं; संसद में इस समय बजट सत्र चल रहा है। राज्य की अपराध जांच विभाग (CID), जो इस दुर्घटना की जांच कर रही है, ने VSR वेंचर्स के मालिक सिंह का बयान पहले ही दर्ज कर लिया है। CID ने कहा है कि उसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या बारामती की इस दुखद घटना के पीछे कोई तोड़फोड़ या आपराधिक लापरवाही थी।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


