फर्श पर पड़ा था पति का शव, बिस्तर से न उठ सकी पत्नी; दोनों की तड़प-तड़पकर मौत

लाइव हिन्दुस्तान, नागपुर
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नागपुर में दिल दहला देने वाली घटना: 77 वर्षीय सेवानिवृत्त रक्षा कर्मी फिसलकर गिरे और मर गए, उनकी बिस्तर पर लाचार पत्नी भूख-प्यास और गर्मी से तड़प-तड़पकर जान दे बैठी। बंद घर में मिले दोनों शव।

Nagpur man slips, dies in house;

नागपुर में भीषण गर्मी के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 77 वर्षीय रिटायर्ड रक्षा कर्मचारी गंगाधर भोंगड़े फर्श पर फिसलकर गिर गए और उनकी मौत हो गई। इसके बाद बिस्तर पर पड़ी उनकी लाचार 75 वर्षीय पत्नी कौशल्या भोंगड़े पति की मदद के बिना भूख, प्यास और तेज गर्मी के कारण कुछ दिनों बाद जान गंवा बैठीं। दंपति का शव शुक्रवार को उनके बंद घर में मिला।

वाड़ी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत महदा कॉलोनी के दावलामेठी में रहने वाले इस दंपति ने करीब 40 साल साथ बिताए। गंगाधर भोंगड़े रक्षा विभाग से रिटायर हुए थे। उनकी लकवाग्रस्त पत्नी लंबे समय से बिस्तर पर थीं और पूरी तरह पति पर आश्रित थीं। दंपति की अपनी संतान नहीं थी, लेकिन गंगाधर ने कौशल्या की पहली शादी से चार संतानों को अपना लिया था और दशकों तक पत्नी की देखभाल की। कौशल्या की पहली शादी से दो बेटे और दो बेटियां थीं। सबसे बड़ा बेटा 2018 में घर छोड़कर चला गया और कभी वापस नहीं लौटा। सबसे छोटा बेटा 2025 में गुजर गया। बड़ी बेटी ही मुख्य संपर्क थी, जो अलग रहते हुए इस दंपति की देखभाल करती थी।

पुलिस और पड़ोसियों के अनुसार, शनिवार (23 मई) को गंगाधर ने अपनी बड़ी बेटी को फोन कर अपनी बिगड़ती तबीयत के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि वे अस्पताल जाना चाहते हैं और चाहते हैं कि कोई कौशल्या की देखभाल करे। बेटी ने जून के पहले हफ्ते में आने का भरोसा दिया था, लेकिन तब तक हालात बिगड़ चुके थे।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार (29 मई) को जब दंपती के बंद घर से तेज बदबू आने लगी, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत कौशल्या के दामाद मोहम्मद गौस को इसकी सूचना दी। जब दरवाजे को तोड़कर लोग अंदर दाखिल हुए, तो गंगाधर का शव रसोई में और कौशल्या का शव उनके बेडरूम में बिस्तर पर पड़ा मिला।

हादसे की खौफनाक वजह

पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, गंगाधर रसोई में काम करते वक्त फिसल गए थे और उन्हें घातक चोट आई। वे खुद उठने में असमर्थ रहे और रसोई में ही उनकी मौत हो गई। उनका सामान्य मोबाइल फोन भी उनके शव के पास बंद हालत में पड़ा मिला। दूसरी तरफ, 75 वर्षीय कौशल्या पूरी तरह से बिस्तर पर थीं और अपनी हर जरूरत के लिए पति पर निर्भर थीं। पति के गिरने और उनकी मृत्यु के बाद कौशल्या न तो किसी से मदद मांग सकीं और न ही खाना-पानी तक पहुंच सकीं। नागपुर की जानलेवा गर्मी, डिहाइड्रेशन और भुखमरी ने कुछ ही दिनों में उनकी भी जान ले ली।

घर के बाहर 27, 28 और 29 मई के अखबार पड़े मिले, जिससे अनुमान है कि घटना 26 मई की रात शुरू हुई। गंगाधर के शव में ज्यादा सड़न थी, जबकि कौशल्या के शव में अपेक्षाकृत कम, जिससे लगता है कि पत्नी पति के बाद कुछ दिन और जिंदा रहीं। दंपति को संगीत का बहुत शौक था। घर में रेडियो लगातार चलता रहता था, जिससे पड़ोसियों को लगा कि सब ठीक है।

वाड़ी पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक वैन और स्निफर डॉग्स बुलाए। चोरी, लूट या किसी संदिग्ध गतिविधि के कोई निशान नहीं मिले। प्रारंभिक जांच में प्राकृतिक लेकिन बेहद दर्दनाक और अकेली मौत का संकेत मिला है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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