शरद पवार को राज्यसभा, उद्धव को विधान परिषद... क्या कांग्रेस मानेगी MVA का ये 'कॉम्बो फॉर्मूला'?

Feb 27, 2026 02:30 pm ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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महाराष्ट्र MVA में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए 'कॉम्बो फॉर्मूला' पर मंथन। शरद पवार को राज्यसभा और उद्धव ठाकरे को विधान परिषद (MLC) भेजने की तैयारी, जानें इस पर कांग्रेस का क्या है रुख।

शरद पवार को राज्यसभा, उद्धव को विधान परिषद... क्या कांग्रेस मानेगी MVA का ये 'कॉम्बो फॉर्मूला'?

महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन की कवायद तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार को एक और कार्यकाल के लिए राज्यसभा भेजने और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए मैदान में उतारने का प्रस्ताव बातचीत की मेज पर आ गया है।

आम सहमति का 'कॉम्बो फॉर्मूला'

विपक्षी गठबंधन के नेताओं के सामने यह प्रस्ताव रखा गया है कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक कद और वरिष्ठता को देखते हुए यह 'कॉम्बो फॉर्मूला' सबसे बेहतरीन विकल्प है। प्रस्तावकों का मानना है कि इससे MVA के भीतर के मतभेदों को कम किया जा सकेगा और सभी दलों के बीच व्यापक सहमति बन सकेगी। MVA की औपचारिक बैठक से पहले इस प्रस्ताव पर दिल्ली और मुंबई में विपक्षी नेताओं द्वारा चर्चा की जानी है।

संख्या बल और चुनावी गणित

गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती संख्या बल की है। अगले महीने होने वाले इन चुनावों के लिए MVA के पास संयुक्त रूप से इतनी ही ताकत है कि वह राज्य में केवल एक राज्यसभा सीट और एक विधान परिषद सीट जीत सके। गौरतलब है कि शरद पवार और उद्धव ठाकरे दोनों ही इन सदनों के निवर्तमान सदस्य हैं।

पवार और ठाकरे की उम्मीदवारी पर स्थिति

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दौर में शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस द्वारा राज्यसभा सीट के लिए अपने-अपने दावे पेश किए गए थे, लेकिन अब आम सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

शरद पवार: पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती शरद पवार को अब छुट्टी मिल गई है। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद यह स्थिति साफ हो गई है कि महाराष्ट्र के सबसे वरिष्ठ नेता एक और राज्यसभा कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

उद्धव ठाकरे: शिवसेना और MVA के भीतर यह राय मजबूत हो रही है कि उद्धव ठाकरे को भी विधान परिषद में अपना कार्यकाल बढ़ाना चाहिए। यह वही पद है जिसे उन्होंने पांच साल पहले महा विकास अघाड़ी का मुख्यमंत्री बनने पर ग्रहण किया था।

कांग्रेस का 'वेट एंड वॉच' रुख

हाल ही में महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की एक बैठक हुई। इसमें यह महसूस किया गया कि उन्हें MVA के भीतर और एनसीपी के दो गुटों के बीच चल रहे इस नाजुक राजनीतिक खेल पर फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनानी चाहिए। हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेताओं का यह भी मानना है कि यदि उन्हें अपने सहयोगी दलों (पवार और ठाकरे) के लिए ये सीटें छोड़नी पड़ती हैं, तो पार्टी को भविष्य में खाली होने वाली अगली सीटों पर अपना दावा अभी से सुरक्षित कर लेना चाहिए।

Amit Kumar

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