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मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी की जेल में हत्या, 5 कैदियों ने पीट-पीटकर मार डाला

बॉम्बे सीरियल ब्लास्ट के एक दोषी की कोल्हापुर की कलाम्बा जेल में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसकी हत्या का आरोप पांच कैदियों पर है। जानकारी के मुताबिक लोहे की जाली से उसे मारा गया।

मुंबई सीरियल ब्लास्ट के दोषी की जेल में हत्या, 5 कैदियों ने पीट-पीटकर मार डाला
Ankit Ojhaएजेंसियां,मुंबईMon, 03 Jun 2024 06:44 AM
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मुंबई में 1993 में हुए सीरियल बम विस्फोटों के एक दोषी को कोल्हापुर की कलाम्बा जेल में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। जानकारी के मुताबिक 59 साल का मोहम्मद अली खान उर्फ मुन्ना को पांच कैदियों ने इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। बता दें कि मुन्ना ने अपना नाम मनोज कुमार भवरलाल गुप्ता भी रखा था। पुलिस ने बताया कि कैदियों ने उसपर कंक्रीट के बने ड्रेनेज चैंबर के ढक्कन से वार किया। घटना रविवार की सुबह करीब 8 बजे की है।

डीआईजी जेल स्वाति साथे ने बातया कि स्नानागार में नहाने को लेकर अन्य कैदियों के साथ, प्रथम दृष्टया बहस होने के बाद 59 वर्षीय मुन्ना उर्फ मोहम्मद अली खान पर हमला किया गया। हालांकि यह पता नहीं लगा है कि हमले की वजह क्या थी।खान मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा था। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘बहस के बीच, कुछ विचाराधीन कैदियों ने नाली के ऊपर से लोहे की जाली उठाई और उससे खान के सिर पर वार किया जिसके बाद वह जमीन पर गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’

हमलावरों की पहचान प्रतीक उर्फ ​​पिल्या सुरेश पाटिल, दीपक नेताजी खोत, संदीप शंकर चव्हाण, ऋतुराज विनायक इनामदार और सौरभ विकास के रूप में हुई है। कोल्हापुर पुलिस ने पांचों लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 1,000 से अधिक लोग घायल हुए थे।

शुरुआती जांच में पता चला है कि हमलावर कैदियों और मुन्ना के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। कलाम्बा जेल में मुंबई ब्लास्ट मामले के चार दोषी हैं। उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें सामान्य कैदियों से अलग रखा जाएगा। साथे ने बताया कि अगर जरूरत होगी तो  बाकी दोषियों को दूसरी जेल में शिफ्ट किया जाएगा। मुन्ना को कलाम्बा जेल में 2013 में लाया गया था। उसने 14 साल की सजा पूरी कर ली थी और कुछ समय जेल से बाहर भी था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी सजा को बढ़कर उम्रकैद कर दिया। मुन्ना पर आरोप थे कि उसने मुंबई से रायगढ़ तक टाइगर मेमन के साथ आरडीएक्स और हथियार ले जाने में मदद की।