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मुंबई का ‘किंग’ कौन, मेयर के लिए उद्धव करेंगे खेल? भाजपा-शिंदे को किस बात की टेंशन

मुंबई का ‘किंग’ कौन, मेयर के लिए उद्धव करेंगे खेल? भाजपा-शिंदे को किस बात की टेंशन

संक्षेप:

बीएमसी चुनाव के नतीजे जा चुके हैं। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आंकड़ों के मामले में सबसे आगे है। इसके बावजूद नए मेयर को लेकर सस्पेंस गहराने लगा है।

Jan 18, 2026 06:07 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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बीएमसी चुनाव के नतीजे जा चुके हैं। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन आंकड़ों के मामले में सबसे आगे है। इसके बावजूद नए मेयर को लेकर सस्पेंस गहराने लगा है। एकनाथ शिंदे ने टूटने के डर से शिवसेना के सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को होटल में जुटा लिया है। वहीं, उद्धव ठाकरे भी दावा कर रहे हैं कि मेयर तो शिवसेना-यूबीटी का ही होगा। असल में मुंबई के मेयर के लिए आंकड़ों की गणित बेहद दिलचस्प हो गई है। भाजपा गठबंधन में जरा सी फूट हुई तो खेल खराब हो सकता है। इसीलिए भाजपा और शिंदे पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

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क्या है बहुमत का आंकड़ा
227 सदस्यों वाले बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सदस्यों की जरूरत है। भाजपा ने इस बार बीएमसी चुनाव में 89 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, उसके साथी दल शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। दोनों का आंकड़ा मिला दें तो यह 118 तक पहुंचता है, जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 4 ज्यादा है। अब इसी कम मार्जिन ने इस गठबंधन की नींदे उड़ा रखी हैं। वजह, अगर किसी भी दल में जरा सी भी हलचल हुई तो मुंबई में मेयर पद हासिल करने के भाजपा के सपने पर पानी फिर सकता है। इसी कम मार्जिन के चलते महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे तेजी से ऐक्शन मोड में आ गए और अपने नए चुने गए पार्षदों को होटल में शिफ्ट कर दिया। पार्टी के नेताओं का भी कहना है कि यह कदम बचाव के लिहाज से उठाया गया है। एक बार बहुमत साबित हो जाए, इसके बाद दोनों दल तय करेंगे कि किस पार्टी का मेयर होगा।

उद्धव के बयान से बेचैनी
इस बीच उद्धव ठाकरे लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। उद्धव दावा कर रहे हैं कि मुंबई का नया मेयर शिवसेना यूबीटी का ही होगा। इस बात ने शिंदे और भाजपा, दोनों खेमों में बेचैनी बढ़ा दी है। आंकड़ों में देखें तो भाजपा के पास 89 सीटें हैं। वहीं, उद्धव की सेना ने 65 सीटें जीती हैं। शिंदे गुट के पास 29 सीटें हैं और दोनों के आंकड़े मिला दे तो यह संख्या 94 सीटों तक पहुंच जाती है। अब अगर इन्हें कांग्रेस का समर्थन मिल जाता है तो यह बहुत से काफी आगे निकल जाएंगे।

भाजपा क्यों नाखुश
इस बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि बीएमसी चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद भाजपा खुश नहीं है। बताया जाता है कि भाजपा ने शुरुआत में 155 सीटों पर लड़ने की योजना बनाई थी। उसने अनुमान लगाया था कि वह 120 से 125 सीटें जीत लेगी। लेकिन एकनाथ शिंदे ने सीटों के बंटवारे में आक्रामक भूमिका निभाते हुए अपने लिए 91 सीटें मांगी। ऐसे में भाजपा के पास केवल 137 सीटें बचीं। इनमें से भाजपा ने 110 सीटें जीतने का लक्ष्य बनाया था, लेकिन यह आंकड़ा 89 तक ही सिमटकर रह गया।

BMC
Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें

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