मॉनसून की पहली ही बारिश नहीं झेल पाया मुंबई! सड़कें बनीं तालाब, कहां-कहां मुसीबत?

लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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Mumbai Rain: मुंबई में 13 दिन की देरी से मॉनसून ने दस्तक दी है। भारी बारिश के बाद अंधेरी अंडरपास और साकीनाका समेत कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया है। IMD ने बुधवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

Mumbai Rain: मुंबई वासियों का मॉनसून का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मंगलवार को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है, लेकिन अपने साथ यह राहत के बजाय आफत लेकर आया है। आमतौर पर 11 जून को आने वाला मॉनसून इस साल 13 दिन की देरी से पहुंचा है। बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन शहर के कई इलाकों में सड़कों और सबवे के जलमग्न होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और ट्रैफिक की भारी समस्या पैदा हो गई है।

IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए मुंबई में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। महाराष्ट्र के कई अन्य हिस्सों में भी लगातार बारिश की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।

आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों (मुंबई सहित), तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार तक आगे बढ़ चुका है।

बंद करने पड़े सबवे, बीच पानी में फंसा ऑटो

भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव हुआ है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जलभराव के चलते एवराड नगर के सबवे को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। साकीनाका मेट्रो स्टेशन इलाके समेत कई जगहों की तस्वीरों में जलभराव का असर साफ देखा जा सकता है, जहां आवाजाही प्रभावित हुई है।

अंधेरी अंडरपास में पानी भरने के कारण हालात गंभीर हैं। बीएमसी (BMC) के एक अधिकारी रितिक ने बताया कि पानी निकालने का कोई अस्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। अधिकारी लगातार वहां खड़े हैं ताकि कोई वाहन पानी में न जाए। इसके बावजूद कुछ ऑटो चालकों ने निकलने की कोशिश की। एक ऑटो बीच में ही फंस गया और चालक की जान खतरे में आ गई, जिसे बाद में दो अधिकारियों ने बाहर निकाला।

बीएमसी के एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने कहा कि प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि कोई भी वाहन अंडरपास के अंदर न जाए और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

रेल यातायात सामान्य, लेकिन कई जगह हालात खराब

बीएमसी ने जानकारी दी है कि पानी से भरे अंधेरी अंडरपास को छोड़कर शहर के बाकी सभी सबवे चालू हैं और मुंबई में ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से हो रहा है। अंधेरी सबवे के हालात पर बात करते हुए बीएमसी अधिकारी रितिक ने बताया कि जलभराव का अभी तक कोई अस्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा, "हमारे अधिकारी अंडरपास के पास तैनात हैं ताकि कोई वाहन अंदर न जाए। इसके बावजूद कुछ रिक्शा चालक पानी के बीच से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा ही एक रिक्शा सबवे के बीच में फंस गया और चालक की जान खतरे में आ गई, जिसे हमारे दो अधिकारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।" बीएमसी के एक अन्य अधिकारी रॉबर्ट ने कहा कि प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि लोग जलमग्न अंडरपास में प्रवेश न करें ताकि लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

अंधेरी सबवे बंद; BMC ने दी ये चेतावनी

मुंबई में मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है। भारी बारिश के चलते अंधेरी अंडरपास को वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से सबवे में पानी भर गया है, जिसके चलते प्रशासन को यातायात रोकना पड़ा।

ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घटी विजिबिलिटी

मुंबई के कई हिस्सों से भारी बारिश और जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एवरार्ड नगर के सबवे में भी पानी भर जाने के कारण उसे आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने और सड़क पर पानी जमा होने के कारण वाहन रेंगते हुए नजर आए। हालांकि, इन सबके बीच सायन (Sion) इलाके में कुछ बच्चे बारिश और जलभराव के बीच मौसम का लुत्फ उठाते हुए दिखाई दिए।

'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया

मौसम विभाग ने बुधवार तड़के चार बजे मुंबई और पालघर के लिए तीन घंटे का 'रेड अलर्ट' जारी किया था। विभाग ने इस दौरान गरज के साथ बारिश होने, बिजली गिरने, अत्यधिक तेज बारिश होने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी।

विभाग ने बाद में सुबह सात बजे 'अलर्ट' का स्तर कम करके अगले तीन घंटे के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग जिलों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान जताया गया है।

मुंबई के अलग-अलग इलाकों में दर्ज हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक कोलाबा में 49 मिमी और सांताक्रूज़ में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को ही सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच कोलाबा में 35.6 मिमी और शहर के बेस वेदर स्टेशन सांताक्रूज में 8.9 मिमी बारिश हुई।

आईएमडी के सात ऑटोमैटिक रेन गेज के आंकड़ों के अनुसार (सुबह 8:30 से शाम 5:30 तक) सबसे अधिक बारिश भायखला (42.5 मिमी) में हुई। इसके बाद सायन में 21.5 मिमी, महालक्ष्मी में 18 मिमी, बांद्रा में 17 मिमी, राम मंदिर में 13 मिमी, विद्याविहार में 5.5 मिमी और विक्रोली में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी देरी

मुंबई में इस साल मॉनसून की एंट्री मौसम के इतिहास में दर्ज सबसे ज्यादा देरी वाले मानसून में से एक है। 1951 के बाद से यह तीसरा मौका है जब मानसून इतनी देरी (24 जून) से आया है। इससे पहले मुंबई में सबसे अधिक देरी से मानसून 1959, 2019 और 2022 में पहुंचा था, तब मानसून ने 25 जून को दस्तक दी थी। वहीं साल 1974 में भी मॉनसून 24 जून को ही आया था।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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