BMC चुनाव से पहले मनसे को झटका, राज ठाकरे का करीबी नेता BJP में होने जा रहा शामिल
संतोष धुरी के इस फैसले का मुख्य कारण मसने और शिवसेना (यूबीटी) के बीच हुए सीट-बंटवारे में असंतोष है। वार्ड नंबर 194 से धुरी को टिकट नहीं मिला, जिसे गठबंधन के तहत शिवसेना UNT के उम्मीदवार निशिकांत शिंदे को दिया गया।
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को बड़ा झटका लगा है। राज ठाकरे के करीबी और मनसे के सीनिर नेता संतोष धुरी अब भाजपा में शामिल होने वाले हैं। धुरी मुंबई शहर एमएनएस प्रमुख संदीप देशपांडे के बेहद विश्वासपात्र माने जाते रहे। आज दोपहर करीब 1 बजे वे बीजेपी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे, जहां बीजेपी नेता अमित साटम उनकी मौजूदगी में स्वागत करेंगे। यह घटना मनसे के लिए इसलिए भी करारा झटका है क्योंकि बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने हैं और गठबंधन की रणनीति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
संतोष धुरी के इस फैसले का मुख्य कारण मसने और शिवसेना (यूबीटी) के बीच हुए सीट-बंटवारे में असंतोष है। वार्ड नंबर 194 से धुरी को टिकट नहीं मिला, जिसे गठबंधन के तहत शिवसेना UNT के उम्मीदवार निशिकांत शिंदे को दिया गया। धुरी ने पहले भी MNS के टिकट पर इस क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं मिली। इस बार संदीप देशपांडे ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था, फिर भी टिकट नहीं मिलने से वे बेहद नाराज हुए। शुक्रवार रात को उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्री नितेश राणे से मुलाकात की, जिसके बाद बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं।
मनसे-शिवसेना UBT गठबंधन के बीच झटका
संतोष धुरी ने संकेत दिया कि मनसे के भीतर उनकी कद्र नहीं हुई, जिससे वे इस कदम तक पहुंचे। यह घटनाक्रम बीएमसी चुनाव के मद्देनजर बेहद अहम है, क्योंकि एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) का गठबंधन मराठी भाषा और संस्कृति की रक्षा के नाम पर हुआ था। अब MNS के एक प्रमुख नेता के जाने से पार्टी की रणनीति और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ सकता है। महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) के लिए यह अच्छी खबर होने वाली है, क्योंकि इससे मुंबई में उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि, यह देखना होगा कि संतोष धुरी के बीजेपी में शामिल होने से चुनावी नतीजे में किस तरह का असर होता है।





