
महायुति में तीखी हुई लड़ाई, BJP को निशाने पर लेते हुए एकनाथ शिंदे की अधिकारियों को चेतावनी
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं को परेशान किया तो उसे उनके गुस्से का सामना करना होगा।
महाराष्ट्र में विधानसभा और लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ने वाले साथियों के बीच में नगर निकाय चुनाव लड़ने की वजह बन रहे हैं। पहले महाविकास अघाड़ी के बाद अब महायुति में भी मन मुटाव साफ दिखने लगा है। शनिवार को अधिकारियों को चेतावनी देते हुए महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगर उनके कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया या अन्याय किया गया तो उनके गुस्से का सामना करना होगा।
उप मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई जब सिंधुदुर्ग पुलिस ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायक निलेश राणे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। राणे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक समर्थक के घर में ‘‘अनाधिकृत तरीके से प्रवेश’’ करने का आरोप है। राणे ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक समर्थक के घर पर ‘‘छापा’’ मारा और दावा किया था कि उन्हें नगर निकाय चुनाव से पहले मतदाताओं को बांटने के लिए नकदी से भरे बैग मिले।
सतारा के फलटण जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा अन्याय करने वालों को किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "मैं अधिकारियों से कहना चाहता हूं कि कोई भी गैरकानूनी काम न करें। झूठी शिकायतों पर ध्यान न दें और अगर कोई आप पर दबाव डाल रहा है तो उसके आगे न झुकें। अगर आप हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय करते हैं, तो आपको एकनाथ शिंदे के गुस्से का सामना करना होगा।’’
शिंदे ने कहा, ‘‘मुझे पता है कि कौन क्या कर रहा है। मैं चुप हूं और मुझे चुप रहने दो। मुझे सबके राज पता हैं। मैं किसी को परेशान नहीं करता, किसी को तंग नहीं करता, लेकिन अगर कोई मेरे साथ ऐसा करता है, तो मैं उसे छोड़ता भी नहीं।’’
गौरतलब है कि शिवसेना गुट के विधायक नीलेश राणे के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता के घर में घुसने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नीलेश राणे ने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह कर सकते हैं... तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक राणे भाजपा पदाधिकारी विजय केनवाडेकर के घर गए और जहां कथित तौर पर उन्हें एक हरे बैग में रखे 25 लाख रुपये कैश मिले। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जाना था।





