उद्धव ठाकरे नहीं तो MVA की तरफ से कौन MLC चुनाव में उम्मीदवार, एकनाथ शिंदे से कैसी गुहार?

भाषा, मुंबई
Follow us on Google News
share

Maharashtra MLC Elections: दानवे और शिवसेना (UBT) के सचिव मिलिंद नार्वेकर ने शिवसेना प्रमुख उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बात की है और उनसे अनुरोध किया कि वह तीसरा अतिरिक्त उम्मीदवार खड़ा न करें ताकि चुनाव निर्विरोध हो सके।

उद्धव ठाकरे नहीं तो MVA की तरफ से कौन MLC चुनाव में उम्मीदवार, एकनाथ शिंदे से कैसी गुहार?

Maharashtra MLC Elections: महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को (नामंकन पत्र दाखिल करने के) आखिरी दिन तक कुल 14 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव निर्विरोध होने की संभावना है क्योंकि चार निर्दलीय उम्मीदवार अनिवार्य मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं जबकि विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (MVA) ने एकमात्र सीट के लिए एक ही उम्मीदवार उतारा है। ऐसे में विपक्ष एकमात्र सीट पर जीत हासिल कर सकता है। इस द्विवार्षिक चुनाव की निर्धारित तिथि 12 मई है।

एक अधिकारी ने बताया कि 14 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं, लेकिन उनमें से चार निर्दलीय उम्मीदवार अनिवार्य मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं और जांच के दौरान उनके अयोग्य घोषित होने की संभावना है। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि चार मई है। शिवसेना (UBT) के चीफ उद्धव ठाकरे ने यह चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। ऐसी स्थिति में विपक्षी महा विकास आघाडी (MVA) ने विधान परिषद में प्रतिपक्ष के पूर्व नेता रहे शिवसेना (UBT) के अंबादास दानवे को चुनाव मैदान में उतारा है।

एकनाथ शिंदे से कैसी गुहार और मनुहार?

सूत्रों ने बताया कि दानवे और शिवसेना (UBT) के सचिव मिलिंद नार्वेकर ने शिवसेना प्रमुख उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बात की है और उनसे अनुरोध किया कि वह तीसरा अतिरिक्त उम्मीदवार खड़ा न करें ताकि चुनाव निर्विरोध हो सके। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोर्हे को फिर से उम्मीदवार बनाया है। उनके अलावा पूर्व विधायक बच्चू कडू भी मैदान में हैं। गोर्हे अपना पांचवां विधान परिषद चुनाव लड़ेंगी। वहीं कडू शुक्रवार को पार्टी में शामिल हुए। कडू ने 1999 में अविभाजित शिवसेना छोड़ दी थी।

NCP की तरफ से जीशान सिद्दीकी उम्मीदवार

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है। सिद्दीकी ने संवाददाताओं से कहा, ''पार्टी अजित दादा (दिवंगत अजित पवार) द्वारा किए गए वादे को पूरा करते हुए मुझे विधान परिषद में भेज रही है। मैं सदन में अल्पसंख्यकों और युवाओं से संबंधित मुद्दे उठाऊंगा।

MVA में नाटकीय घटनाक्रम

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में विपक्षी खेमे में कुछ नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिले, जब शिवसेना (UBT) ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के स्थान पर दानवे को मैदान में उतारकर सबको चौंका दिया, जिनका विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्यकाल समाप्त होने वाला है। हालांकि, कांग्रेस इस बात पर जोर दे रही थी कि ठाकरे एमवीए प्रत्याशी के रूप में पुन: विधान परिषद चुनाव लड़ें। अब दानवे को उम्मीदवार बनाये जाने से कांग्रेस नाराज हो गई और घोषणा की कि वह अपना प्रत्याशी उतारेगी लेकिन शिवसेना (UBT) के नेताओं अनिल देसाई एवं मिलिंद नार्वेकर एवं सचिन अहिर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से भेंट की तब कांग्रेस पीछे हट गयी और दानवे का समर्थन करने पर राजी हो गयी।

आगामी चुनावों में कांग्रेस को प्राथमिकता

सपकाल ने प्रेसवार्ता में कहा, ''हमारा मानना ​​था कि (दानवे की उम्मीदवारी पर) चर्चा करने की आवश्यकता थी।'' प्रेसवार्ता में उनके बगल में देसाई और राकांपा (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले बैठी थीं। सपकाल ने कहा, "इस बात पर चर्चा हुई कि 2028 में (जब राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव होने हैं) कांग्रेस पार्टी को (सीट आवंटन में) प्राथमिकता दी जाएगी।" उन्होंने कहा, “आगामी चुनावों में कांग्रेस को प्राथमिकता मिलेगी।”

भाजपा के उम्मीदवार कौन-कौन?

भाजपा ने सुनील विनायक कर्जतकर, माधवी नाईक, संजय नत्थूजी भेंडे, विवेक बिपिंदादा कोल्हे और प्रमोद शांताराम जठार को उम्मीदवार बनाया है। उसने पृथक उपचुनाव के लिए प्रज्ञा राजीव सातव को भी मैदान में उतारा है। सभी छह उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। कर्जतकर भाजपा के एक अनुभवी सदस्य हैं जो कभी पार्टी के दिग्गज नेता प्रमोद महाजन के करीबी थे। वह पहले पार्टी के लिए चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके हैं।

विवेक कोल्हे भाजपा की पूर्व विधायक स्नेहलता कोल्हे के बेटे हैं। संजय भेंडे 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा चुनाव के प्रभारी थे और नागपुर शहरी सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं। भाजपा की राज्य इकाई की महासचिव माधवी नाईक ठाणे निवासी हैं। प्रमोद जाठर सिंधुदुर्ग जिले से भाजपा के पूर्व विधायक हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत राज्य विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो जाएगा। कांग्रेस की पूर्व सदस्य प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से खाली हुई सीट के लिए अलग से उपचुनाव कराया जाएगा। इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हुईं सातव का कार्यकाल मूल रूप से 27 जुलाई, 2030 को समाप्त होना था। नामांकन पत्रों की जांच दो मई को होगी जबकि उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि चार मई है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें