
महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के PA पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप, गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पालवे के परिवार ने आरोप लगाया है कि पालवे के पति ने पीड़िता को प्रताड़ित और परेशान किया था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। परिवारवालों ने इस मामले की जांच की मांग की है।
महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के निजी सहायक (PA) को अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में सोमवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक आरोपी अनंत गर्जे को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 27 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि गर्जे से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं गर्जे के वकील ने दलील दी है कि आरोपी स्वेच्छा से पुलिस थाने पहुंचकर जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।
इससे पहले एक अधिकारी ने बताया कि गर्जे की पत्नी डॉ गौरी पालवे (28) ने कथित तौर पर घरेलू विवाद के कारण शनिवार को मध्य मुंबई के वर्ली स्थित अपने फ्लैट में फंदे से लटकर आत्महत्या कर ली। पालवे सरकारी केईएम अस्पताल में डेंटिस्ट थीं। पालवे के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर वर्ली पुलिस ने गर्जे और उसके दो रिश्तेदारों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। दोनों की शादी इसी साल 7 फरवरी को हुई थी।
गौरी पालवे के परिवारवालों के क्या आरोप?
पुलिस के अनुसार, पालवे के परिवार ने आरोप लगाया है कि पालवे के पति ने पीड़िता को प्रताड़ित और परेशान किया था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। परिजनों ने इस मामले की जांच की मांग की है। पुलिस में दर्ज अपनी शिकायत में पालवे के परिवार ने आरोप लगाया कि गर्जे का विवाहेतर संबंध था और पालवे ने उन्हें मोबाइल फोन पर किसी अन्य महिला से बात करते हुए पकड़ा था। पुलिस ने बताया कि इस मुद्दे पर दंपति में झगड़ा होता था और गर्जे ने अपनी पत्नी को कथित तौर पर धमकी दी थी।
पालवे के चाचा ने बताया निर्दोष
वहीं पालवे के चाचा ने आरोप लगाया कि पालवे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि यह हत्या का मामला है। उन्होंने मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की भी मांग की। इस बीच महाराष्ट्र महिला अधिकार आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा कि पालवे के माता-पिता ने अपनी बेटी की आत्महत्या पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "राज्य महिला अधिकार आयोग पूरी जांच पर नजर रखेगा। आयोग पालवे के परिवार के साथ है और जांच चलने तक वह उन्हें सहयोग देता रहेगा।"





