
चुनावों के बाद BJP में विलय कर लेंगे शिंदे, संजय राउत ने डिप्टी CM एकनाथ पर साधा निशाना
शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि राज्य के आगामी नगर निगम चुनावों के बाद एकनाथ शिंदे अपने दल का विलय भाजपा में कर लेंगे। बकौल संजय, शिंदे को ऐसा करने के लिए पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है।
महाराष्ट्र में शिवसेना को लेकर राजनीति फिलहाल गर्म बनी हुई है। इसी बीच शिवसेना उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ऊपर करारा प्रहार किया है। उन्होंने दावा किया कि आगामी नगर निगम चुनावों के बाद एकनाथ शिंदे अपने गुट के साथ में भारतीय जनता पार्टी में ही शामिल हो जाएंगे।

संजय राउत ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे ने हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इसी दौरान पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें यह सलाह दी है। राउत ने चुटकी लेते हुए कहा, "उन्होंने (एकनाथ शिंदे) ने पार्टी और उसका चुनाव चिन्ह चुरा लिया है। लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं है कि शिवसेना आखिर है क्या। शिवसेना एक क्षेत्रीय पार्टी है, जिसका नेतृत्व और मुख्यालय महाराष्ट्र में है, न कि दिल्ली में।
राउत ने शिवसेना के चुनाव चिन्ह और हक के लिए सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई का जिक्र करते हुए कहा शिंदे गुट का उच्चतम न्यायालय में अपना बचाव करना असंभव होगा। अगर वह ऐसा करने में सफल होते हैं, तो इससे न केवल न्यायपालिका में भारतीयों का बल्कि पूरी दुनिया का विश्वास डगमगा जाएगा।
राउत सामना में लिखे अपने साप्ताहिक लेख में लिखा कि एकनाथ शिंदे जब शिवसेना में थे तो राज और उद्धव ठाकरे को एक साथ लाना चाहते थे। आज जब ठाकरे भाई एक साथ आ गए हैं, तो शिंदे को डर लग रहा है। राउत ने लिखा, "शिंदे और (शिवसेना मंत्री) प्रताप सरनाईक ने मुझसे पहले भी कई बार राज और उद्धव ठाकरे को साथ लाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पर भगवा झंडा फहराने के लिए यह जरूरी है। भाजपा को रोकने के लिए दोनों चचेरे भाइयों को एक साथ आना होगा।’’
राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ‘‘खत्म’’ करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि फडणवीस शिवसेना के प्रमुख नेता और उनके लोगों को अपने आस-पास भी नहीं देखना चाहते।
आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट 12 नवंबर को शिवसेना (उबाठा) की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जो महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष द्वारा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को पार्टी चिह्न 'धनुष-बाण' आवंटित करने के फैसले के खिलाफ दायर की गई है।





