
गौरक्षकों को लेकर महाराष्ट्र भाजपा में टकराव, फडणवीस के पूर्व मंत्री का विरोध
Maharashtra news: महाराष्ट्र में भाजपा एमएलसी सदाशिव खोत ने गौरक्षकों पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने तर्क दिया कि किसानों को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपने पशुओं का क्या करना चाहते हैं।
महाराष्ट्र में गौ रक्षकों को लेकर भाजपा में टकराव शुरू हो गया है। भाजपा की तरफ से विधान परिषद के सदस्य सदाशिव खोत ने गौरक्षकों की एक लॉबी पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उनकी पार्टी में उनका विरोध शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ किसान नेता शरद जोशी को अपना गुरु मानने वाले खोत ने इस पूरे प्रकरण पर अपनी स्थिति को साफ करते हुए इस बात की वकालत की कि किसानों को यह अधिकार होना चाहिए कि वह अपने पशुओं के साथ, जो करना चाहें कर सकते हैं।
इस मामले को लेकर पिछले एक महीने से महाराष्ट्र में व्यापारी और पारंपरिक कसाई कथित गौरक्षकों के विरोध में हड़ताल पर हैं। महाराष्ट्र कुरैशी एसोसिएशन (मुस्लिम समुदाय का एक संगठन) ने कहा कि इन गौरक्षकों के कारण वह अपना व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। जानवरों को लाने ले जाने के दौरान अक्सर यह गौरक्षक बीच में ही मारपीट करते हैं और जानवरों को जब्त कर लेते हैं।
इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कुरैशी एसोसिएशन की इस बात पर उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि ऐसे गौरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भाजपा की तरफ से एमएलसी खोत पिछले एक महीने से इसी बात की वकालत कर रहे हैं। उनका तर्क है कि जिस तरीके से गौरक्षकों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। उससे पशु और कसाई व्यापार बंद हो जाएगा, ऐसे में किसानों के हितों को बड़ा नुकसान होगा।
महाराष्ट्र के सांगली से ताल्लुक रखने वाले खोत पिछले 30 सालों से कृषि संबंधी मुद्दों, खासकर गन्ना किसानों के मुद्दों से जुड़े रहे हैं। 2016 में खोत पहली बार भाजपा के समर्थन से एमएलसी बने थे और देवेंद्र फडणवीस के पहले कार्यकाल में कृषि राज्य मंत्री के तौर पर कार्य कर चुके हैं। हालांकि 2018 में उन्होंने भाजपा से अलग रुख अपना लिया लेकिन पार्टी में बने रहे और मंत्री तथा विधान परिषद सदस्य के रूप में काम करते रहे। इसके बाद उन्होंने रयत क्रांति संगठन के रूप में एक नया संगठन तैयार किया लेकिन भाजपा से नाता नहीं तोड़ा।
2014 में एक बार फिर से एमएलसी चुने गए खोत का गौरक्षकों पर यह स्टैंड और गौ हत्या प्रतिबंध का विरोध भाजपा के कई लोगों को परेशान कर रहा है। क्योंकि मुख्यमंत्री फडणवीस ने ही 2015 में गोवंश की हत्या पर प्रतिबंध लगा दिया था।





