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बाल ठाकरे ना खिलाते तो कुपोषण से मर जाती बीजेपी, उद्धव ठाकरे बोले- हमारी जूठन खाकर पले

बाल ठाकरे ना खिलाते तो कुपोषण से मर जाती बीजेपी, उद्धव ठाकरे बोले- हमारी जूठन खाकर पले

संक्षेप:

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर बाला साहेब ना खिलाते तो बीजेपी तो कुपोषण से ही खत्म हो जाती। उन्होंने बीजेपी नेता रावसाहेब दानवे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर करारा हमला बोला है।

Jan 11, 2026 12:39 am ISTAnkit Ojha पीटीआई
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महाराष्ट्र में नगर निकाय के चुनाव करीब आते ही महायुति और महागठबंधन के दलों में तीखे वार पलटवार शुरू हो गए हैं। वहीं बीजपी और उद्धव की सेना एकदम आमने-सामने दिखाई दे रही है। शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने सनिवार को कहा कि अगर उनके पिता बाल ठाकरे ने बचाया ना होता तो बीजेपी तो कुपोषण से ही मर जाती। इससे पहले बीजेपी के रावसाहेब दानवे ने कहा था कि सभी राजनीतिक दलों ने हमारी थाली में खाया है। उनका कहना था कि सभी राजनीतिक दलों ने कभी ना कभी बीजेपी की मदद जरूर ली है।

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दानवे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, अगर आपको बालासाहेब ठाकरे ने खिलाया ना होता तो तुम तो कुपोषण से मर गए होते। अगर ऐसा नहीं है तो हमारी थाली का बचा जूठन क्यों खा रहे हो? अभी कितना खाओगे। ऐसा लगता है कि तुम लोगों को भस्म्य की बीमारी हो गई है कि पेट ही नहीं भरता है। अभी हमारे कितने लोगों को अपनी ओर मिलाओगे?

बता दें कि 1990 में पहली बार बीजेपी महाराषअट्र की सत्ता में आई थी और तब शिवसेना के साथ गठबंधन था। उस समय शिवसेना के अध्यक्ष बाल ठाकरे हुआ करते थे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यूपीआई से पैसे बांटे जा रहे हैं और प्रयास हो रहे हैं कि कहीं कोई उम्मीदवार विरोध में बचे ही ना। इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए और पुलिस को ऐक्शन लेना चाहिए।

ठाकरे ने कहा, मेरी पार्टी का निशान और नाम ले लिया गया लेकिन लोग अब भी हमारे ही साथ हैं। अब हम नई शुरुआत करेंगे जैसे कि 1988 में की थी। हमारे पास बहुत सारे नए चेहरे हैं। ठाकरे ने कहा कि आज छत्रपति संभाजीनगर को साल में केवल 44 दिन पानी मिलता है जबकि जब वह मुख्यमंत्री थे तभी पूरे शहर के लिए पाइपलाइन की योजना पास हो गई थी। इस सरकार ने प्रोजेक्ट के नाम पर कर्ज भी ले लिया और इसे पूरा भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अलग-अलग धर्मों को लोगों को लड़ाने और बांटने में लगी है। राज्य कर्ज में डूब रहे हैं और इस देश को तानाशाही की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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