BMC चुनाव में पीएम मोदी का कितना असर, मुस्लिम वोटर्स का क्या है मूड; सर्वे
महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी को चुनाव होंगे और मतगणना 16 जनवरी को होगी। भाजपा नेता केशव उपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भर में भाजपा और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
सबसे अमीर निकाय BMC यानी बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा। इसके अगले ही दिन नतीजों का ऐलान होगा। खास बात है कि लगभग एक दशक के बाद ये चुनाव हो रहे हैं। ताजा सर्वे से संकेत मिल रहे हैं कि शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) मजबूत स्थिति में है। साथ ही कहा जा रहा है कि सुरक्षा समेत कई मुद्दों को लेकर महिला वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
पीएम मोदी के चेहरे का कितना असर
Ascendia के 25 दिसंबर के सर्वे में सवाल पूछा गया कि चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरे का कितना असर होगा? सर्वे में शामिल 4 फीसदी महिलाओं, 4 फीसदी मुस्लिम मतदाता, 2 फीसदी मराठी माणूस और 4 फीसदी ने अन्य (गुजराती/ उत्तर भारतीय आदि) पर सहमति जताई। सर्वे में शामिल चारों वर्ग सबसे ज्यादा वोटिंग पार्षद की तरफ से किए गए कामों के आधार पर करेंगे।
ठाकरे ब्रदर्स या बा एमवीए में किसे सपोर्ट करेंगे मुस्लिम वोटर
सर्वे के मुताबिक, 12 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं का कहना है कि मुस्लिम उम्मीदवार को खड़ा करने वाली पार्टी को वोट देंगे। वहीं, 2 फीसदी ऐसे उम्मीदवार को वोट देंगे, जो भाजपा को हराने की स्थिति में है। 10 फीसदी राज और उद्धव ठाकरे गठबंधन के समर्थन में हैं। 11 फीसदी कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन के पक्ष में है। 64 फीसदी ने जवाब नहीं दिया।
महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, विपक्ष ने लगाए आरोप
शुक्रवार तक महायुति के 68 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली थी। भाजपा नेता केशव उपाध्याय ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भर में भाजपा और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में भाजपा के 44 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से है। इसके बाद पुणे, पिंपरी चिंचवाड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर हैं।
शिवसेना यूबीटी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने आरोप लगाए थे कि सत्तारूढ़ दल विपक्षी उम्मीदवारों को हटाने के लिए धन का इस्तेमाल कर रहा है। साथ ही धमकी देने के आरोप लगाए थे।





