जहां पेड़ नहीं, वहां टक्कर कैसे? अजित पवार प्लेन क्रैश की रिपोर्ट पर रोहित ने उठाए सवाल

Mar 05, 2026 05:30 pm ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का राजस्व जो 2016 में 10 करोड़ रुपये से कम था, वह 2025 तक बढ़कर 500 करोड़ रुपये के पार कैसे पहुंच गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कई शेल कंपनियों ने इस फर्म में भारी निवेश किया और बाद में बंद हो गईं।

जहां पेड़ नहीं, वहां टक्कर कैसे? अजित पवार प्लेन क्रैश की रिपोर्ट पर रोहित ने उठाए सवाल

बारामती में हुए भीषण विमान हादसे की जांच रिपोर्ट आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो चुका है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे गलतियों का पुलिंदा करार दिया है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवार ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए कई चौंकाने वाले दावे किए और आरोप लगाया कि जांच का उद्देश्य चार्टर कंपनी वीएसआर वेंचर्स (VSR Ventures) और कुछ रसूखदार अधिकारियों को बचाना है।

आपको बता दें कि 28 जनवरी को बारामती में वीएसआर वेंचर्स का एक लीयरजेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार को जारी एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलटों द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन न करने, कम दृश्यता और हवाई पट्टी पर मौसम संबंधी सुविधाओं के अभाव को हादसे का मुख्य कारण बताया गया था।

जहां पेड़ नहीं, वहां टक्कर कैसे?

रोहित पवार ने रिपोर्ट की विसंगतियों पर उंगली उठाते हुए कहा, "एएआईबी की रिपोर्ट कहती है कि विमान दुर्घटना से पहले पेड़ों से टकराया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उस स्थान पर एक भी पेड़ मौजूद नहीं है।" उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए बताया कि फुटेज में विमान बाईं ओर तेजी से झुकता दिख रहा है, जबकि आधिकारिक रिपोर्ट में इसे दाईं ओर झुकना बताया गया है। पवार ने सवाल किया कि जब बुनियादी तथ्य ही गलत हैं, तो जांच की विश्वसनीयता क्या रह जाती है?

ब्लैक बॉक्स का रहस्य

जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विमान का कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) यानी 'ब्लैक बॉक्स' अत्यधिक गर्मी के कारण खराब हो गए हैं। रोहित पवार ने मलबे से बरामद ब्लैक बॉक्स की तस्वीरें दिखाते हुए इस दावे को चुनौती दी।

हवाई सुरक्षा विशेषज्ञ कैप्टन अमित सिंह ने भी इन तस्वीरों का समर्थन करते हुए कहा, “पवार द्वारा दिखाई गई तस्वीरों में ब्लैक बॉक्स पर जलने, कालिख या गर्मी से विकृति के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। यह संकेत देता है कि रिकॉर्डर को कोई गंभीर थर्मल क्षति नहीं हुई थी।”

रोहित पवार ने केवल तकनीकी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि चार्टर कंपनी की आर्थिक प्रगति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का राजस्व जो 2016 में 10 करोड़ रुपये से कम था, वह 2025 तक बढ़कर 500 करोड़ रुपये के पार कैसे पहुंच गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कई शेल कंपनियों ने इस फर्म में भारी निवेश किया और बाद में बंद हो गईं।

रोहित पवार का दावा है कि विमान के उड़ान के घंटों को जानबूझकर कम दर्ज किया जाता था ताकि अनिवार्य रखरखाव जांच को टाला जा सके, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में डाली गई।

रोहित पवार ने गिनाई कई खामियां

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पवार ने पूछा कि यदि दृश्यता 5 किलोमीटर के न्यूनतम मानक से कम थी तो पुणे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को बारामती की ओर जाने की अनुमति क्यों दी? उसे मुंबई या पुणे की ओर डायवर्ट क्यों नहीं किया गया? उन्होंने रिपोर्ट पर जांच अधिकारी के हस्ताक्षर न होने और अंतिम समय में चालक दल के बदलाव पर भी संदेह व्यक्त किया।

सबसे चौंकाने वाला खुलासा करते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि वीएसआर वेंचर्स के मालिक वी.के. सिंह ने उनकी टीम को जांच रोकने की धमकी दी है। पवार के अनुसार वीके सिंह ने कहा कि उनकी ऊपर से नीचे तक पहुंच है और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

रोहित पवार ने मांग की है कि इस पूरे मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि उन लोगों के चेहरों से नकाब उतर सके जो इस मानवीय त्रासदी के पीछे जिम्मेदार हैं।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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