
'आपके चाचा बेहतर मिमिक्री करते हैं, तभी पार्टी का यह हाल है'; फडणवीस का आदित्य ठाकरे पर तंज
राज ठाकरे की 'मराठी मानुष का आखिरी चुनाव' वाली टिप्पणी पर फडणवीस ने कहा कि दांव पर आपका अस्तित्व लगा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मुंबई या मराठी भाषियों के लिए खतरे के बारे में नहीं, ठाकरे भाइयों के वजूद के बारे में है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में एकजुट हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाला बीएमसी चुनाव इन चचेरे भाइयों के अस्तित्व की लड़ाई है, न कि मराठी लोगों की। आदित्य ठाकरे की ओर से उनकी नकल उतारने पर भी सीएम ने तंज कसा। फडणवीस ने कहा कि उनके चाचा (राज ठाकरे) उनसे बेहतर मिमिक्री करते हैं और उनके चाचा की पार्टी का आज जो भी हाल है वह उनकी इसी मिमिक्री के कारण है। उन्होंने उद्धव ठाकरे को चुनौती दी कि वे बहस के लिए आदित्य को भेजें, जिसका मुकाबला महायुति उम्मीदवार शीतल गंभीर करेंगी।
महानगरपालिका चुनावों के प्रचार के अंतिम पड़ाव पर भाजपा-शिवसेना के महायुति गठबंधन के समर्थन में रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने जोर देकर कहा, 'मुंबई महाराष्ट्र का अभिन्न अंग है और कोई इसे अलग करने की हिम्मत नहीं कर सकता।' मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में आयोजित इस रैली में मुख्यमंत्री ने उद्धव और राज ठाकरे के पुराने वीडियो दिखाए, जिसमें लगभग 20 साल बाद हाथ मिलाने वाले ये दोनों भाई एक-दूसरे पर कटाक्ष करते नजर आ रहे थे। फडणवीस ने विश्वास जताया कि बीएमसी पर महायुति का झंडा फहराएगा। इस रैली में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले भी मौजूद थे।
मराठी मानुष वाले बयान पर क्या कहा
राज ठाकरे की 'मराठी मानुष का आखिरी चुनाव' वाली टिप्पणी पर फडणवीस ने कहा कि यहां दांव पर आपका अपना अस्तित्व लगा है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव मुंबई या मराठी भाषियों के लिए खतरे के बारे में नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों के वजूद के बारे में है, जिनकी पार्टियां 74,000 करोड़ रुपये के बजट वाली देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर नियंत्रण के लिए महायुति के खिलाफ लड़ रही हैं। उद्धव ठाकरे के पूर्व सहयोगी रहे फडणवीस ने मुंबई में महायुति का महापौर बनाने और पारदर्शी शासन लाने का संकल्प लिया। उन्होंने लोगों से वोट की अपील करते हुए वादा किया कि वे शहर का कायाकल्प कर देंगे।
हिंदी को अनिवार्य करने का मुद्दा
फडणवीस ने महाविकास आघाडी (MVA) सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने ही राज्य में हिंदी को अनिवार्य करने का निर्णय लिया था और धारावी पुनर्विकास निविदा को रद्द कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह काम अदाणी समूह और राज्य सरकार मिलकर कर रहे हैं, जिससे एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती एक आधुनिक टाउनशिप में बदलेगी। भाषा के मुद्दे पर उन्होंने जोर दिया कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य भाषा है। अवसंरचना का जिक्र करते हुए उन्होंने नवी मुंबई हवाई अड्डा के बाद अब तीसरे हवाई अड्डे के निर्माण और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की क्षमता बढ़ाने का भी ऐलान किया।





