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'शिवसेना ठाकरे की और NCP शरद पवार की पार्टी...', भाजपा के मंत्री ने क्या कह दिया

'शिवसेना ठाकरे की और NCP शरद पवार की पार्टी...', भाजपा के मंत्री ने क्या कह दिया

संक्षेप:

भाजपा वर्तमान में महायुति गठबंधन के हिस्से के रूप में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ राज्य में सत्ता में है। शिंदे और पवार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।

Sat, 1 Nov 2025 05:24 PMNiteesh Kumar भाषा
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महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही है। इस बीच, राज्य सरकार में भाजपा के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को उद्धव ठाकरे की पार्टी के रूप में जाना जाता है और यही बात एनसीपी व उसके संस्थापक शरद पवार के लिए भी सच है। भाजपा नेता की इस टिप्पणी से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन असहज हो सकता है। वैसे वह यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि बीजेपी को उसके कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जाना जाता है, जबकि शिवसेना और राकांपा को उनके नेताओं के नाम से जाना जाता है।

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भाजपा वर्तमान में महायुति गठबंधन के हिस्से के रूप में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ राज्य में सत्ता में है। शिंदे और पवार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) कांग्रेस के साथ विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘शिवसेना हमेशा बालासाहेब ठाकरे की पार्टी जानी जाती थी, फिर उद्धव ठाकरे की पार्टी कहलाने लगी। शायद भविष्य में आदित्य ठाकरे की पार्टी के रूप में जानी जाएगी। यही बात NCP के लिए भी सच है, जिसे हमेशा शरद पवार की पार्टी के रूप में जाना जाता रहा है। ये कभी कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में नहीं जानी जाती है। दूसरी ओर भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जानी जाती है।’

किस तरह से पार्टियों में हुआ बिखराव

जून 2022 में शिवसेना का तब विभाजन हो गया था जब तत्कालीन मंत्री व पार्टी नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया था। तब शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। एक साल बाद, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी। वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो गए थे। उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को शिवसेना नाम और उसका चुनाव चिन्ह धनुष-बाण आवंटित कर दिया। बाद में, आयोग ने अजित पवार गुट को असली NCP के रूप में मान्यता दी और उनके नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का चिन्ह घड़ी दिया था।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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