महाराष्ट्र में बीजेपी को लग सकता है झटका, शरद पवार की एनसीपी का दामन थाम सकते हैं हर्षवर्धन पाटिल

Oct 03, 2024 09:00 pm ISTMadan Tiwari हिन्दुस्तान टाइम्स, मुंबई, फैजल मलिक
share Share
Follow Us on

  • पुणे जिले के वरिष्ठ नेता पाटिल अजित पवार के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। पाटिल पुणे के इंदापुर विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी को लग सकता है झटका, शरद पवार की एनसीपी का दामन थाम सकते हैं हर्षवर्धन पाटिल

बीजेपी नेता हर्षवर्धन पाटिल शरद पवार की पार्टी एनसीपी (शरद पवार गुट) में शामिल हो सकते हैं। गुरुवार को मुंबई में पवार के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद पाटिल ने यह फैसला ले लिया है। मुलाकात के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से भाजपा का नाम हटा दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह शुक्रवार को इसकी घोषणा करेंगे, लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।

पुणे जिले के वरिष्ठ नेता पाटिल अजित पवार के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। पाटिल पुणे के इंदापुर विधानसभा क्षेत्र से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने 2014 में एनसीपी के दत्तात्रेय भरणे से हारने तक चार बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। गुरुवार को उन्होंने पवार से मुलाकात की, जहां माना जा रहा है कि अंतिम फैसला ले लिया गया है। वह पुणे के इंदापुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। यह बारामती लोकसभा सीट के छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है।

पाटिल 1995-1999 में सत्ता में रही शिवसेना-बीजेपी सरकार में मंत्री थे। बाद में वे कांग्रेस में शामिल हो गए। वे लगातार कांग्रेस सरकारों में मंत्री भी रहे। 2014 में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन 2019 में वे बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े। 2019 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले की उम्मीदवारी का समर्थन किया और विधानसभा चुनाव के दौरान इंदापुर सीट के लिए पवार का समर्थन मिलने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन जब एनसीपी ने फिर से भरणे को मैदान में उतारा, तो पाटिल बीजेपी में शामिल हो गए।

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में एनसीपी के उम्मीदवार दत्तात्रेय भरणे ने पाटिल को करीबी मुकाबले में हराया था। भरणे ने पिछले जुलाई में एनसीपी में हुए विभाजन के दौरान अपनी निष्ठा अजित पवार के पक्ष में कर ली थी। पार्टी महायुति सरकार में भी शामिल हो गई थी। पाटिल को एहसास हो गया था कि एनसीपी के पास सीट होने के कारण उन्हें बीजेपी से उम्मीदवारी नहीं मिल पाएगी। उन्होंने राज्य बीजेपी नेतृत्व को मनाने की कोशिश की लेकिन उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।


यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।

और पढ़ें
;;;