
कांग्रेस ही नहीं, भाजपा ने ओवैसी की पार्टी से भी किया गठबंधन; क्या बोले फडणवीस
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट और अन्य नेताओं का कहना है कि बीजेपी की 'हिंदुत्व' की बातें केवल चुनावी जुमले हैं, क्योंकि सत्ता के लिए वे ओवैसी और कांग्रेस तक से समझौता करने को तैयार हैं।
BJP-Congress and BJP-AIMIM Alliance: महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा देने वाली और हिंदुत्व की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्थानीय स्तर पर सत्ता हथियाने के लिए अपने धुर विरोधियों असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी और कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। यह अजीबोगरीब गठबंधन अकोला जिले की अकोट और ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद में देखने को मिला है।
अकोट नगर परिषद (Akot Municipal Council) में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। यहां बीजेपी 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि ओवैसी की पार्टी MIM 5 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। बीजेपी ने यहां 'अकोट विकास मंच' नाम से एक नया मोर्चा बनाया। इस मोर्चे में बीजेपी और AIMIM के अलावा शिंदे सेना, ठाकरे सेना, अजीत पवार की NCP और बच्चू कडू की प्रहार पार्टी भी शामिल हो गई। बीजेपी के रवि ठाकुर इस नए गठबंधन के ग्रुप लीडर होंगे और अब AIMIM पार्षदों को भी बीजेपी के 'व्हिप' का पालन करना होगा।

शिंदे सेना को रोकने के लिए BJP-कांग्रेस का मेल
अंबरनाथ में मामला और भी पेचीदा रहा। यहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी (27 सीटें) बनी थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े (31) से चार कदम दूर रह गई। शिंदे सेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए बीजेपी (14 सीटें) और कांग्रेस (12 सीटें) ने हाथ मिला लिया। बीजेपी, कांग्रेस और अजीत पवार की NCP (4 सीटें) ने मिलकर 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' बना ली। इस गठबंधन की मदद से बीजेपी की तेजश्री करंजुले नगर परिषद अध्यक्ष (मेयर) चुनी गईं। शिंदे गुट के विधायक बालाजी किणीकर ने इसे धोखा करार देते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
फडणवीस बोले- ऐसे गठबंधन बर्दाश्त नहीं
स्थानीय स्तर पर हुए इन समझौतों से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता देवेंद्र फडणवीस बेहद नाराज हैं। एक इंटरव्यू में फडणवीस ने साफ कहा कि कांग्रेस और AIMIM के साथ किसी भी तरह का गठबंधन बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं ने जो भी किया है वह गलत है और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट और अन्य नेताओं का कहना है कि बीजेपी की 'हिंदुत्व' की बातें केवल चुनावी जुमले हैं, क्योंकि सत्ता के लिए वे ओवैसी और कांग्रेस तक से समझौता करने को तैयार हैं।





