महाराष्ट्र में 21 ठिकानों पर ATS की ताबड़तोड़ छापेमारी, आतंकी गतिविधियों का संदेह
एटीएस की टीमों ने संदिग्धों के घरों, दफ्तरों और अन्य स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य सामग्री जब्त की गई।

महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 15 फरवरी को राज्य में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई यवतमाल और अहिल्यानगर जिलों में की गई, जहां कुल 21 स्थानों पर छापेमारी हुई। यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड शहरों में 14 जगहों पर और अहिल्यानगर जिले में 7 जगहों पर टीमों ने तलाशी ली। यह ऑपरेशन आधी रात के आसपास शुरू हुआ और सुबह तक जारी रहा। पुलिस ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की, जिसमें युवाओं के कट्टरपंथीकरण और दहशतवादी गतिविधियों से जुड़े संदेह थे।
एटीएस की टीमों ने संदिग्धों के घरों, दफ्तरों और अन्य स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य सामग्री जब्त की गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की गई। सूत्रों के अनुसार, इन छापेमारियों में दहशतवादी संगठनों से जुड़े होने या युवाओं को सक्रिय करने की कोशिशों से संबंधित सामग्री बरामद हुई है। हालांकि, अभी तक किसी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
आतंकी गतिविधियों पर नजर
यह ऑपरेशन महाराष्ट्र में चल रही कट्टरपंथ और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने का हिस्सा है। एटीएस ने जिला पुलिस टीमों के साथ मिलकर काम किया और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। अधिकारी बताते हैं कि यह छापेमारी खास तौर पर राज्य में युवाओं के रेडिकलाइजेशन की सूचना मिलने के बाद की गई। पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र एटीएस ने अलकायदा और अन्य संगठनों से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। इस तरह के ऑपरेशन पूर्व में भी विभिन्न जिलों में किए गए हैं, लेकिन यह सबसे हालिया और बड़े पैमाने का है।
पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई
अभी जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह घटना महाशिवरात्रि के दिन हुई, जब देश में धार्मिक आयोजन चल रहे थे, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क रहे।





