
महाराष्ट्र निकाय चुनाव में चमकी ओवैसी की पार्टी AIMIM, टिकट के लिए लंबी लाइन; ताबड़तोड़ इंटरव्यू
हाल ही में महाराष्ट्र में 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने 100 से अधिक सीटें जीती थीं, जिनमें छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21 और अमरावती में 15 सीटें शामिल हैं।
महाराष्ट्र के 29 नगर निकायों के चुनावों में 100 से अधिक सीटें जीतकर मिली सफलता के बाद, असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए उम्मीदवारों के साक्षात्कार शुरू कर दिए हैं। पार्टी के एक पदाधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पार्टी नेता शारिक नक्शबंदी ने संवाददाताओं को बताया कि टिकट के दावेदारों का साक्षात्कार छत्रपति संभाजीनगर में पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के कार्यालय में लिया जा रहा है।
नक्शबंदी ने कहा, "निकाय चुनावों में हमारी बड़ी जीत के बाद कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है, इसलिए हमने 12 जिला परिषदों (जेडपी) में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हम उम्मीदवारों के साक्षात्कार कर रहे हैं। मेरे और मेरे सहयोगियों नासिर सिद्दीकी, विलास शेलके और कुणाल खरात को मिलाकर एक समिति भी बनाई गई है।"
मुस्लिम बहुल वार्डों में उल्लेखनीय बढ़त
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को हुए निकाय चुनावों में एआईएमआईएम ने 100 से अधिक सीटें जीती थीं, जिनमें छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21 और अमरावती में 15 सीटें शामिल हैं। बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) निकाय चुनावों में अप्रत्याशित रूप से विजयी रही और राज्यभर के मुस्लिम बहुल वार्डों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की।
ओवैसी ने घर-घर जाकर चुनाव प्रचार किया
पार्टी के नेता शारिक नक्शबंदी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने और पिछले चुनावों में बहुत कम मतों के अंतर से मिली हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33 सीटें, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, मुंबई में 6, ठाणे में 5, जलगांव में 2 और चंद्रपुर में 1 सीट जीती।

लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।




