NCP विलय की चर्चा के बीच सुनेत्रा पवार के घर पहुंचे शरद पवार, बंद कमरे में पार्थ और जय संग घंटों गुफ्तगू

Feb 04, 2026 10:49 pm ISTPramod Praveen पीटीआई, बारामती
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एक बंद कमरे में शरद पवार की अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय के साथ बैठक हुई है। यह बैठक बारामती के विद्या प्रतिष्ठान परिसर में करीब डेढ़ घंटे तक चली। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

NCP विलय की चर्चा के बीच सुनेत्रा पवार के घर पहुंचे शरद पवार, बंद कमरे में पार्थ और जय संग घंटों गुफ्तगू

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक शरद पवार बुधवार को बारामती पहुँचे, जहां उन्होंने अपने दिवंगत भतीजे और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित पुनर्मिलन को लेकर अटकलें तेज हैं। शरद पवार ने बारामती में सहयोग सोसायटी स्थित सुनेत्रा पवार के आवास पर जाकर अजित पवार को पुष्पांजलि दी। इस दौरान पवार परिवार के कई सदस्य भी वहां मौजूद थे, जिनमें अजित पवार के दोनों बेटे पार्थ और जय पवार और भतीजे विधायक रोहित पवार भी शामिल हैं।

पीटीआई के अनुसार, शरद पवार मंगलवार देर रात ही बारामती पहुँच गए थे। इसके बाद उन्होंने शहर में आयोजित शोक सभा में भी हिस्सा लिया। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई कि उनकी सुनेत्रा पवार से अलग से कोई राजनीतिक बातचीत हुई या नहीं। यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कुछ ही दिन पहले सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। शपथग्रहण के बाद शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से खुशी जताते हुए कहा था कि यह एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम है।

बंद कमरे की बैठक ने बढ़ाई अटकलें

इसी दौरान एक बंद कमरे में शरद पवार की अजित पवार के दोनों बेटों पार्थ और जय के साथ बैठक भी हुई। यह बैठक बारामती के विद्या प्रतिष्ठान परिसर में करीब डेढ़ घंटे तक चली। बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बातचीत में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय और आगामी जिला परिषद चुनावों पर चर्चा हो सकती है।

फरवरी 12 की तारीख और अधूरी घोषणा

अजित पवार की मृत्यु के बाद शरद पवार गुट के नेताओं ने दावा किया है कि एनसीपी के पुनर्मिलन की बातचीत अंतिम चरण में थी, और अजित पवार ने 12 फरवरी को इसके ऐलान की तारीख भी तय कर ली थी। शरद पवार ने भी मीडिया से कहा कि विलय की बातचीत का नेतृत्व जयंत पाटिल और अजित पवार कर रहे थे। हालांकि इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर बातचीत सच में आगे बढ़ चुकी थी, तो अजित पवार ने इसकी जानकारी उन्हें जरूर दी होती।

राष्ट्रव्यापी 'अस्थि कलश यात्रा' की शुरुआत

एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की युवा इकाई ने बुधवार को अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए चार दिवसीय राष्ट्रव्यापी 'अस्थि कलश यात्रा' की शुरुआत की है। इस यात्रा के तहत, पवार की अस्थियों को कश्मीर से कन्याकुमारी तक देशभर की प्रमुख नदियों में और धार्मिक स्थलों पर विसर्जित किया जायेगा। इस दौरान यात्रा 10 से अधिक राज्यों से होकर गुजरेगी। श्रद्धांजलि, पारिवारिक मुलाकात और राजनीतिक बैठकों का यह संयोग बताता है कि बारामती एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति का केंद्र बन चुकी है। बता दें कि पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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