
उर्दू अकादमी के लिए फंड और स्टाफ दे सरकार, मराठी विवाद के बीच महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक की मांग
संक्षेप: Marathi controversy: महाराष्ट्र में जारी मराठी विवाद के बीच कांग्रेस विधायक असलम शेख ने उर्दू अकादमी के लिए फंड और स्टाफ की मांग की है। उन्होंने कहा कि हम इसमें उर्दू के साथ-साथ मराठी भाषा को भी बढ़ावा देंगे।
महाराष्ट्र में बढ़ते मराठी भाषा विवाद के बीच कांग्रेस विधायक असलम शेख ने उर्दू अकादमी के लिए फंड और स्टाफ की मांग की है। शेख ने बताया कि उर्दू अकादमी को बनाए हुए 50 साल हो रहे हैं। इसे बेहतर बनाने के लिए सरकार को फंड और स्टाफ देना चाहिए, जिससे हम मराठी भाषा और अपनी मीठी भाषा उर्दू को भी बढ़ावा दे पाएं।

एजेंसी से बात करते हुए असलम शेख ने कहा, "उर्दू अकादमी अपने 50 साल पूरे कर रही है। हमने सरकार से मांग की है कि सरकार हमें इसके लिए 10 करोड़ का फंड दे और इसमें स्टाफ भी दे। इस अकादमी में हम उर्दू के साथ-साथ मराठी भाषा को भी बढ़ावा देंगे। उर्दू बहुत मीठी भाषा है... इसके साथ हम मराठी भी सिखाएंगे तो फिर राज्य में, जो लोगों को मारना-पीटना जारी है, वह बंद हो जाएगा।"
आपको बता दें महाराष्ट्र में कुछ दिनों से मराठी भाषा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राज्य में हिंदी भाषी लोगों से मराठी में बात करने के नाम पर मारपीट की जा रही है। मराठी अस्मिता के नाम पर एक-दूसरे के अलोचक माने जाने वाले ठाकरे बंधु साथ आ गए हैं। इतना ही नहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अपने समर्थकों को एक विवादित सलाह देते हुए कहा है कि लोगों के कान के नीचे बजा सकते हैं लेकिन इसका वीडियो नहीं बनाना है। ठाकरे के इस बयान को लेकर उनके खिलाफ शिकायत भी की गई है। यह पूरा मामला उस वक्त तूल पकड़ गया था, जब राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत त्रिभाषा पद्धति को लागू करने का फैसला किया था। हालांकि अब राज्य सरकार ने इस फैसले को पलट दिया है।





