
बीजेपी से जा मिले AIMIM पार्षद? ओवैसी बोले- कभी नहीं मिल सकते समंदर के दो किनारे
महाराष्ट्र नगर निकाय के चुनाव के बाद कुछ पार्षदों के बीजेपी से जुड़ने को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम और बीजेपी समंदर के दो किनारे हैं जो कि कभी मिल नहीं सकते।
महाराष्ट्र में 19 नगर निकायों में हुए चुनाव में इस बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की किस्मत ही चमक गई। उनकी पार्टी ने 100 से ज्यादी सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी के साथ जाने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि समंदर के दो किनारे आपस में कभी नहीं मिल सकते। बता दें कि अकोट नगर पालिका में एक पार्षद बीजेपी के साथ जाना जाहता था। इसको लेकर ओवैसी ने कहा कि उन्होंने अपने पार्षदों को पहले ही चेतावनी दे दी थी कि किसी को भी बीजेपी का साथ नहीं देना है।
बीजेपी के साथ जाना चाहते थे 5 पार्षद?
ओवैसी ने कहा कि उनके पार्षदों को नहीं पता था कि वे जिस समूह से वे जुड़े हैं वह बीजेपी के साथ ताल्लुक रखता है। इसके बाद पार्टी ने उनसे तत्काल कहा कि म्युनिसिपल कमिश्नर को पत्र लिखकर अपना समर्थन वापस लें। बाद में पता चला कि उनको इकट्ठा करने में बीजेपी नेता के बेटे का हाथ था। उनका साथ देने वाले पार्षदों को बाद में पार्टी से निलंबित कर दिया गया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनका कोई भी पार्षद अगर विरोधी दल का साथ करता है तो तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ओवैसी ने कहा कि इस चुनाव में एआईएमआईएम ने 125 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं एक महीने पहले हुए नगर निकाय के चुनाव में 85 सीटें पार्टी के खाते में आई थीं। इस तरह से AIMIM के कुल 200 पार्षदों की जीत हुई है। उन्होंने का कि पार्टी के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और यह उसी का परिणाम है।
मैं खुद को मुस्लिम नेता नहीं मानता
ओवैसी ने कहा कि वह खुद को मुस्लिमों का नेता नहीं मानते। मैंने हमेशा कहा है कि मैं केवल मुसलमानों का नेता नहीं बनना चाहता हूं। हमारी पार्टी की कोशिश यही है कि ऐसे सैकड़ों लोग हों जो कि आगे चलकर पार्टी की कमान संभालने की क्षमता रखते हों। बता दें कि 2017 में नगर निगम के चुनाव में एआईएमआई एम को केवल 81 सीटें हासिल हुई थीं। छत्रपति संभाजीनगर, मालेगांव, धुले, अमरावती, सोलापुर और मंबई में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा था। इस बार उनकी पार्टी ने बीएमसी में भी सीट जीती है।
एआईएमआईएम ने इस बार गोवंडी से विजय उबाले को टिकट दिया था। उन्होंने जीत हासल की है। उबाले ने शिवसेना की सोनाली जाधव को हराया है। बता दें कि शिवसेना और शिवसेना (UBT) ने भी इस बार मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिय़ा था।

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Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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