MP में जमकर बरस रहे बदरा, छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट; आंधी आने की भी आशंका
पश्चिमी विक्षोभ, जो कि उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में था, अब औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर उत्तरी पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर चला गया है।

मध्य प्रदेश में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है और इसके असर से प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बारिश हो रही है। इस दौरान मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 5 जिलों के लिए भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं 50 जिलों में मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान इन सभी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने व बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। इस दौरान विभाग ने प्रदेश के सीधी, सतना, शहडोल, पन्ना और मैहर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट दिया है।
शुक्रवार को इन 50 जिलों में बिजली गिरने के साथ आँधी आने और बारिश होने की संभावना: भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, अनुपपुर, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा।
शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार 11 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है और इस दौरान बिजली चमकने के साथ ही 40 से 50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग ने 6 जिलों सतना, रीवा, मउगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली में अनेक स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
बीते दिन कहां गिरा सबसे ज्यादा पानी
गुरुवार की बात करें तो प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर पानी गिरा। जबकि भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। बीते दिन सबसे अधिक बारिश छतरपुर जिले के गौरिहार में 182 मिमी दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक तापमान पृथ्वीपुर (निवाड़ी) में 35 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम तापमान खरगोन व शिवपुरी में 19-19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम की विशेष परिस्थितियां
10 जुलाई 2026 को सुबह 8.30 बजे भारतीय समयानुसार मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी भागों के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में बना हुआ है। हालांकि, इससे संबंद्ध चक्रवातीय परिसंचरण औसत समुद्र तल से 9.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर बना हुआ है और अब यह औसत समुद्र तल से 4.5 और 5.8 किलोमीटर के बीच देखा जा रहा है।


