MP में महिला ने 15 दिन के बेटे समेत तीनों बेटों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी; बच्चों की गई जान
आरोपी महिला नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। जिसके बाद तीनों बच्चों की तो पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन महिला बच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर पति का कहना है कि महिला के साथ उसका कोई विवाद नहीं हुआ था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला नानी बाई ने अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में हुई।
खुद बाहर निकली, बच्चों की हो गई मौत
हालांकि बताया जा रहा है कि नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
घटना के समय महिला का पति काम पर गया था
घटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी के लिए खेतों में गया हुआ था। कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने लगभग 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी के लिए यहां आया हुआ था और सभी मजदूर गेहूं काटने का काम कर रहे थे। मजदूर खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे हैं।
पति बोला- पत्नी के साथ नहीं हुआ था कोई विवाद
महिला के पति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में गेहूं काटने चला गया था। कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू के अनुसार उसका अपनी पत्नी नानी बाई के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
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