‘बालों में स्पाई कैमरा लगाकर आई थी महिला, मुझे फंसाने की थी साजिश’; धीरेंद्र शास्त्री का सनसनीखेज खुलासा
बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘एक दिन जब हम भी बड़ी मस्ती में थे, तो हमने उनसे कहा कि बहनजी पधारो, इसके बाद हम उन्हें राम दरबार में लेकर गए, जहां रामजी विराजित हैं और वहां कैमरा भी लगा हुआ है।’

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और बाबा बागेश्वर के नाम से प्रसिद्ध पंडित धीरेंद्र कृष्णे शास्त्री ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया है कि कई महिलाएं उन्हें प्रेमजाल में फंसाने की कोशिश कर चुकी हैं, ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। एक टीवी इंटरव्यू में इससे जुड़ा एक एक किस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बहनजी तो अपने बालों के जुड़े में स्पाई कैमरा तक लगाकर भी आ गई थी, हालांकि भगवान की कृपा से हम बच गए। हमें पहले ही उनकी गतिविधियों पर शक हो गया था। उस महिला ने हमारे चेलों के सामने ऐसा ढोंग किया था कि वह उस बहनजी को मीरा तक कहने लग गए थे।
धीरेंद्र शास्त्री ने यह किस्सा न्यूज चैनल आजतक को दिए इंटरव्यू में सुनाया। कार्यक्रम के दौरान उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'भगवान की कृपा थी या कुछ गॉड गिफ्टेड हुआ था या यूं कह लीजिए हमारे पास एक संकेत आ गया था, जिसकी वजह से हम बच गए।'
'हमारे चेलों को वो फ्री में नए-नए फोन दे रही थी'
आगे उन्होंने कहा, 'तो वह बहनजी लगभग एक महीने तक धाम में रूकी रहीं। वो बड़ा मेकअप लगाती थी, बड़ी लाली लगाती थीं। हमारे आसपास रहने वाले चेलों को वो फ्री में नए-नए फोन दे दिया करती थीं, ऐसे में वे उनके प्रशंसक बन गए। चेलों ने हमें बताया कि एक बहनजी आपकी बड़ी भक्त हैं, वो झोली-माला डालती हैं और तिलक लगाती हैं और बड़ा मेकअप करती हैं।'
'ऐसी जगह बैठती थी कि हमारा ध्यान रोज उस पर जाए'
धीरेंद्र शास्त्री बताया कि वह महिला हर रोज ऐसी जगह पर बैठती थी कि हमारा ध्यान उस पर चला जाए। उन्होंने कहा, 'हम रोज निकलते थे, तो दरबार में वो सबसे आगे बैठी हुई दिखती थी। हर रोज बैठी दिखती थीं। वो हमेशा ऐसी जगह बैठती थीं कि हमारा ध्यान उनकी तरफ खींचा चला जाए। यह बात उन्हें देखकर समझ में आ जाती थी। लेकिन जब हमारे चेले मोबाइल की वजह से उनकी तारीफ करने लगे कि वो बड़ी मीराबाई हैं, हम समझ गए कि वो जाल बिछा रही हैं, हम तक पहुंचने की कोशिश में है।'
'एक बार हमने उस बहनजी को हमसे मिलने बुलाया'
बाबा बागेश्वर ने आगे कहा, 'एक दिन जब हम भी बड़ी मस्ती में थे, तो हमने उनसे कहा कि बहनजी पधारो, इसके बाद हम उन्हें राम दरबार में लेकर गए, जहां रामजी विराजित हैं और वहां कैमरा भी लगा हुआ है। प्रायः लोगों को जब हमसे किसी विशेष मुद्दे पर समाधान लेना होता है तो हम उनसे वहीं बात करते हैं। वहां एक कैमरा भी लगा हुआ है।'
'वो प्रेम वाली बड़ी-बड़ी बातें करने लगी'
पंडित शास्त्री ने बताया, 'हमने उन्हें वहां बुलाया और फिर हमने उसने धाम आने का कारण पूछा, तो उन्होंने वही बड़ी चाटुकारिता वाली बातें करते हुए कहा कि हमारा तो जीवन आपके प्रति ही अर्पित है, सब छोड़छाड़ के हम आ गए हैं, अब जीवन में आपके अलावा कुछ नहीं है। वही जो प्रेम वाली बड़ी बातें कि हम तुम्हारे लिए चांद तारे तोड़ लाएंगे। तो हम समझ गए, हमने कहा बहनजी क्षमा करो, आप गलत जगह आ गए हैं।
'हमने कहा- आप जहां पढ़ रही वहां के हम प्रिंसिपल'
आगे उन्होंने बताया, 'फिर हमारी कुछ बातें हुईं, जिसमें हमने उनको बहुत अच्छी तरह से लताड़ा या यूं कह लीजिए कि सख्ती का प्रयोग भी किया। फिर हमने कहा कि, 'आप जिस स्कूल में पढ़ी हैं वहां हम प्रिंसिपल हैं और ये जो आपका हेयर बक्कल है, जिसे उन्होंने आपने बड़े से जुड़े में फंसा रखा है। उसमें आपने स्पाई कैमरा छुपा रखा है।'
किस्से का अंत करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, 'हमारी बात सुनने के बाद उन्होंने हमसे क्षमा मांगी और एक आदमी का नाम बताया, जिसने उन्हें भेजा था। उस आदमी से हम आज भी सावधान हैं। महिला ने जिस आदमी का नाम बताया वो भी कहीं धर्म जगत से जुड़े हुए व्यक्ति हैं, उस व्यक्ति से हम आज भी सावधान हैं।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।


