लड़के झूल नहीं पाते इसलिए… ट्विशा शर्मा की मौत पर क्यों रो पड़ी रिटायर्ड जज सास

लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
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पत्रकारों से बात करते हुए गिरिबाला सिंह ने कहा, ट्विशा के परिवारवाले हमें अपराधी समझते हैं। मीडिया भी हमारे खिलाफ चली गई है। इस दौरान वह कई बार रो पड़ी। 

लड़के झूल नहीं पाते इसलिए… ट्विशा शर्मा की मौत पर क्यों रो पड़ी रिटायर्ड जज सास

ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक के बाद एक होते खुलासे चौंकाने वाले हैं। एक तरफ ट्विरशा का परिवार ससुराल वालों पर दहेत प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगा रहा है तो वहीं ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के दिमागी तौर पर बीमार और नशे की आदी होने का दावा किया है। पति समर्थ ट्विशा की मौत के बाद से फरार चल रहा है। उसकी अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर ही है। इस बीच गिरिबाला सिंह ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी और ट्विशा और उनके परिवारवालों को लेकर कई बड़े दावे किए। इस दौरान वह कई बार भावुक हुईं और। उन्होंने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि लड़के झूल नहीं पाते, इसलिए वह अपराधी बना दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विशा को नशे की लत थी। उसने प्रेग्नेंसी के दौरान भी भारी मात्रा में नशा किया था और ये बात उसने खुद कबूल की थी।

पत्रकारों से बात करते हुए गिरिबाला सिंह ने कहा, ट्विशा के परिवारवाले हमें अपराधी समझते हैं। मीडिया भी हमारे खिलाफ चली गई है। उन्होंने आगे बताया कि जब ट्विशा ने प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन का कोर्स शुरू किया था तो उसके अगले दिन ही कहा था कि मुझे इसे रिवर्स कराना है। लेटकिन ये मुमकिन नहीं था। उसने हमें एक पल की खुशी नहीं होने दी। ना मुझे ना समर्थ को। लड़कियों के लिए आसान होता है कि वह जाकर झूल जाती है। लड़के नहीं झूल पाते तो उन्हें अपराधी के तौर पर देखा जाने लगता है।

ट्विशा उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थीं। समर्थ से उनकी मुलाकात साल 2024 में डेटिंग ऐप पर हुई थी और उसके एक साल बाद दिसंबर 2025 में उन्होंने शादी कर ली। ट्विशा के परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले ट्विशा को दहेज के लिए परेशान करते थे और उन्होंने ही उसकी हत्या की है। 12 मई को ट्विशा का शव भोपाल स्थित उसके ससुराल में फंदे से लटका हुआ मिला। जानकारी के मुताबिक गिरिबाला सिंह और समर्थ उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पुलिस को भी मामले की सूचना दी गई। परिवारवाले इस मामले में पुलिस की जांच पर भी सवाल उठा रहे हैं। दरअसल ट्विशा की बॉडी पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान पुलिस उस बेल्ट को अपने साथ ले जाना भूल गई जिससे ट्विशा ने कथित तौर पर फांसी लगाई थी। ऐसे में पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई कि गर्दन पर मिले निशान उसी बेल्ट के हैं जो मौके से बरामद हुई। ऐसे में पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। पुलिस ने भी इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए जांच की पात कही है। इसके अलावा पुलिस को सूचना दिए बगैर ट्विशा के शव को अस्पताल लेकर चले जाना भी कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

गिरिबाला सिंह के क्या आरोप

पत्रकारों से बात करते हुए रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने कहा, ट्विशा का दिमागी रूप से सही नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। उन्होंने दावा किया था कि ट्विशा को ऐसी दवाएं दी जा रही थी, जो सामान्यतः सित्जोफ्रेनिया के मरीजों को दी जाती हैं।

जानकारों के मुताबिक सित्जोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है, जो व्यक्ति के सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। इससे पीड़ित लोग रियलिटी और कल्पना में फर्क नहीं कर पाते हैं।

गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि उसे नशे की लत थी और कई बार उसके हाथ भी कांपते थे। कोई व्यकित जब नशा छोड़ता है तो उसमें ये चीज होना एक आम बात है। उन्होंने कहा, हालांकि हम फिर भी उसका साथ देते थे। उन्होंने दहेज प्रताड़ना के आरोंपों का जवाब देते हुए कुछ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की स्लिप दिखाई। उन्होंने दावा किया कि वह खुद ट्विशा को उसकी जरूरत के लिए पैसे देती थीं। इसमें 5 हजार से लेकर 50 हजार तक का ट्रांसजेक्शन दिखाया गया था।

आरोपों पर भड़के ट्विशा के पिता

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा से जब गिरिबाला सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि वह बस खुद को बचाने के तरीके खोजने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा, यही कारण है कि वह (गिरिबाला सिंह) अलग-अलग तरह के आरोप लगा रही हैं। क्योंकि लड़की अब मर चुकी है, वह सोचती हैं कि वह उस पर कुछ भी आरोप लगा सकती हैं और दोष उस पर मढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि ट्विशा की हत्या उनके घर में हुई है, इसलिए उन्हें इसके लिए जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, जहां तक आरोपों का सवाल है, उन्हें इन्हें अदालत में पेश करना चाहिए। नवनिधि शर्मा ने कहा कि एक मृत लड़की को बदनाम करना अपने आप में एक गंभीर अपराध है।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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