कौन हैं आशुतोष तिवारी जिन्हें भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का पत्ता काट उतारा, मच गया हंगामा
Ashutosh Tiwari भाजपा ने मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में इस बार आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण उपचुनाव कराया जा रहा है।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए सत्तारूढ़ दल भाजपा ने इस बार आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि आशुतोष के नाम का ऐलान होने के बाद से राज्य के पूर्व गृह मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने भारी नाराजगी देखी जा रही है।
पार्टी ने विरासत के बजाय संगठन को दी प्राथमिकता
BJP ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए शुक्रवार को वरिष्ठ संगठनात्मक नेता आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर सबको चौंका दिया। पार्टी ने इस बार राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को नजरअंदाज कर दिया, जिन्हें इस सीट के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। वो लगातार तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं दतिया जिले के सेवढ़ा कस्बे के रहने वाले तिवारी लंबे समय से प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय हैं।
कौन हैं आशुतोष तिवारी
भाजपा प्रत्याशी बनाए गए आशुतोष तिवारी की बात करें तो वह वर्तमान में प्रदेश भाजपा में प्रकोष्ठ प्रभारी का दायित्व संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले आशुतोष इससे पहले भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं तथा मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त कर चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा सीट से भाजपा टिकट का दावा किया था, हालांकि पार्टी ने वहां प्रदीप अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया था। पिछले साल प्रदेश भाजपा ने उन्हें पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों का प्रभारी नियुक्त किया था, जो उनकी संगठनात्मक क्षमताओं पर नेतृत्व के भरोसे को दर्शाता है।
दतिया में क्यों हो रहा उपचुनाव
नरोत्तम मिश्रा लगातार तीन बार दतिया सीट से विधायक रह चुके हैं, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती से 7500 से अधिक वोटों से हार गए थे। दिल्ली की एक अदालत ने पिछले दिनों 1998 के एक धोखाधड़ी मामले में राजेंद्र भारती को 3 साल जेल की सजा सुनाई थी, जिसके कारण उनकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गई थी। इस वजह से इस सीट पर उप चुनाव कराया जा रहा है। दतिया में उपचुनाव की घोषणा के बाद से नरोत्तम मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे। चुनावी तैयारियों के साथ ही वह विभिन्न सभाओं में मतदाताओं से संवाद कर अपनी पिछली चुनावी हार को लेकर सार्वजनिक रूप से आत्ममंथन करते हुए लोगों से समर्थन की अपील कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की चर्चा थी।
चुनाव आयोग ने हाल ही में मध्य प्रदेश की दतिया सीट समेत अलग-अलग राज्यों की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, दतिया के अलावा बिहार और गुजरात की एक-एक विधानसभा सीट पर भी 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी।


