उज्जैन में गरजा बुलडोजर, आश्रम और धर्मशाल पर भी कार्रवाई; क्या है वजह

Feb 25, 2026 11:03 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, उज्जैन
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एमपी के उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सड़क चौड़ीकरण से लेकर शिप्रा नदी के घाटों के विस्तार तक काम युद्धस्तर पर जारी है। इसी कड़ी में बुधवार अलसुबह नगर निगम का बुलडोजर सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर चला। इस दौरान कई अवैध निर्माण ढहा दिए गए।

उज्जैन में गरजा बुलडोजर, आश्रम और धर्मशाल पर भी कार्रवाई; क्या है वजह

उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सड़क चौड़ीकरण से लेकर शिप्रा नदी के घाटों के विस्तार तक काम युद्धस्तर पर जारी है। इसी कड़ी में बुधवार अलसुबह नगर निगम का बुलडोजर सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर चला। इस दौरान कई अवैध निर्माण ढहा दिए गए।

मिली जानकारी के अनुसार, सिंहस्थ 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। निगम प्रशासन पहले ही संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर चुका था। तय समय सीमा के बाद भी निर्माण नहीं हटाए जाने पर बुधवार सुबह कार्रवाई अमल में लाई गई।

नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज तक कार्रवाई

नगर निगम के जोन क्रमांक 3 में नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई की जद में आश्रम और धर्मशालाएं भी आई हैं। प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ मेले के दौरान साधु-संतों के डेरे, टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए खुली जगह जरूरी होती है। इसी उद्देश्य से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।

घाटों का होगा 29 किमी विस्तार

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों का करीब 29 किलोमीटर तक विकास प्रस्तावित है। सड़क चौड़ीकरण और बुनियादी ढांचे के उन्नयन का काम भी जारी है। इस दौरान मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और अपर आयुक्त संतोष टैगोर कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।

आश्रम और धर्मशाला पर भी कार्रवाई

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि नरसिंह घाट रोड पर स्थित लगभग 60×80 फीट के माधवानंद आश्रम और करीब 80×150 फीट की कलोता समाज की धर्मशाला सहित अन्य स्थायी निर्माण हटाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद बने सभी स्थायी स्ट्रक्चर चिन्हित किए गए हैं। यहां स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है और सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।

इस मामले पर प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के सुचारु आयोजन के लिए खुला और व्यवस्थित क्षेत्र आवश्यक है। आने वाले दिनों में अन्य चिन्हित स्थानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट: विजेंद्र यादव

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