MP में भी यूसीसी पर तेजी; रिटायर्ड SC जज की अगुवाई में हाई-लेवल कमेटी, 60 दिन में रिपोर्ट
एमपी में भी यूसीसी की तैयारी तेज कर दी गई है। सरकार ने रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में समिति का गठन किया है। समिति को 60 दिन के भीतर रिपोर्ट देनी होगी।

UCC in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) की तैयारी तेज हो गई है। मोहन यादव सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है। इस संबंध में आदेश कल जारी किया गया। समिति उत्तराखंड और गुजरात मॉडल का अध्ययन करेगी। साथ ही समिति को 60 दिन के भीतर रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।
समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। इसके अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, विधि विशेषज्ञ अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और समाजसेवी बुधपाल सिंह शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में अतिरिक्त सचिव अजय काटेसरिया को समिति का सचिव नियुक्त किया गया है।
उत्तराखंड और गुजरात मॉडल का अध्ययन करेगी समिति
समिति की प्रमुख जिम्मेदारियों में उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में अपनाए गए मॉडल का अध्ययन करना शामिल है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार किए जाएंगे। गौरतलब है कि रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई पहले उत्तराखंड और गुजरात में यूसीसी कानून का मसौदा तैयार करने वाली समितियों की अगुवाई कर चुकी हैं।
सरकार ने समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट के साथ एक ड्राफ्ट बिल भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस साल के अंत तक यूसीसी लागू करने का प्लान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि 2026 के अंत तक यूसीसी कानून पारित करने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। उन्होंने इस संबंध में कुछ दिन पहले अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे। अगस्त 2024 में भी यादव ने संकेत दिया था कि उनकी सरकार यूसीसी लागू करने की जल्दबाज़ी में नहीं है, क्योंकि हर राज्य की परिस्थितियां अलग होती हैं।
किन मुद्दों पर फोकस करेगी समिति?
समिति राज्य में लागू अलग-अलग पर्सनल और फैमिली लॉ का गहराई से अध्ययन करेगी। इसमें शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति में हक, गोद लेने के नियम और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान शामिल रहेंगे। इसके साथ ही इन कानूनों के लागू होने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और कानूनी पेचीदगियों की भी जांच की जाएगी।
उत्तराखंड और गुजरात के बाद तीसरा राज्य
बता दें कि मध्य प्रदेश से पहले उत्तराखंड और गुजरात यूसीसी लागू कर चुके हैं। यूसीसी लागू करने में उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 27 जनवरी 2025 को आधिकारिक तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया था। इसमें तीन तलाक, लिव इन रिलेशनशिप और बहु विवाह को लेकर कड़े प्रावधान हैं।
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